- विपक्ष के हमलों के खिलाफ बीजेपी चीफ नितिन नवीन खुद संभालने वाले हैं कमान
- बीजेपी चीफ नितिन नवीन राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक से पदयात्रा की शुरुआत करेंगे
- बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह भी पदयात्रा करेंगे
बीजेपी SIR को लेकर कांग्रेस की अगुवाई में चल रहे विपक्ष के आक्रामक अभियान का जवाब देने में जुट गई है. इसकी कमान खुद बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने संभाली है. जनवरी में औपचारिक रूप से पार्टी का अध्यक्ष चुने जाने के बाद वे पहली बार सड़क पर उतर कर इंडिया गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहे हैं.
चांदनी चौक से शुरुआत
आज शाम को दिल्ली के चांदनी चौक में वे पार्टी के पदयात्रा अभियान की शुरुआत करेंगे. यह पदयात्रा बीजेपी के 22 अक्तूबर से शुरू हुए "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" अभियान का हिस्सा है. यह अभियान पांच नवंबर तक पूरे देश में चलाया जा रहा है. इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य एसआईआर एवं मतदाता सूचियों की शुद्धता, लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता, संवैधानिक मूल्यों तथा चुनावी प्रक्रियाओं के संदर्भ में विपक्ष के कथित राजनीतिक एजेंडे और दोहरे मानदंडों को बेनकाब करना है. साथ ही, इसके माध्यम से भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना तथा राष्ट्रीय एकता और विकास यात्रा को जन-जन तक पहुंचाना है.
सड़क पर उतरेंगे बीजेपी चीफ
जहां एक ओर कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोक सभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एसआईआर को लेकर मोर्चा खोला हुआ है, वहीं बीजेपी की ओर से इसका जवाब देने की जिम्मेदारी नितिन नवीन के कंधों पर है. वे देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा संवाद कार्यक्रमों के माध्यम नई पीढ़ी से सीधे बातचीत करते आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने एसआईआर को लेकर कांग्रेस के अभियान को लेकर तीखा हमला भी बोला है. पर यह पहली बार है जब वे सीधे सड़क पर उतर कर पदयात्रा के माध्यम से इन आरोपों का जवाब देंगे.
अमित शाह भी करेंगे पदयात्रा
इस अभियान में वे अकेले नहीं हैं. बल्कि गृह मंत्री अमित शाह भी जल्दी ही इसी तरह की पदयात्रा करते नजर आएंगे. शाह दो नवंबर को हैदराबाद में और पांच नवंबर को करनाल में इसी तरह की पदयात्रा में हिस्सा लेंगे. अन्य वरिष्ठ मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इन पदयात्राओं के माध्यम से एसआईआर को लेकर चलाए जा रहे इंडिया गठबंधन के अभियान का जवाब देंगे. देश के सभी महानगरों और प्रशासनिक जिला मुख्यालयों पर भव्य पदयात्राओं का आयोजन किया जा रहा है. प्रत्येक पदयात्रा में लगभग 10,000 नागरिकों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है. इन पदयात्राओं के माध्यम से मतदाता सूची की शुद्धता, एसआईआर प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया जाएगा.
इंडिया गठबंधन बनाम बीजेपी
नितिन नवीन की पदयात्रा इंडिया गठबंधन की इसी मुद्दे पर एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बुलाई गई विशाल जनसभा से ठीक पहले हो रही है. इंडिया गठबंधन ने इसके लिए दस लाख लोगों को बुलाने का लक्ष्य रखा है. इस महारैली से पहले 30 अक्तूबर को इंडिया गठबंधन मॉक पार्लियामेंट का आयोजन भी करने जा रहा है जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा.
बीजेपी की रणनीति समझिए
दरअसल, बीजेपी को इस बात का एहसास है कि वह विपक्ष को यह मुद्दा लंबे समय तक खींचने नहीं दे सकती. अगले साल की शुरुआत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं. इनमें चार राज्यों में बीजेपी की सरकार है. देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में बीजेपी हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में उतरेगी. वहां उसका मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन से होगा जो एसआईआर और वोट चोरी का मुद्दा जोर-शोर से उठा रहे हैं. पार्टी ने तय किया है कि एसआईआर के मुद्दे पर वह खामोशी से नहीं बैठेगी. यही कारण है कि नितिन नवीन ने देश व्यापी कार्यक्रम का खाका तैयार किया है. बीजेपी मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े हर सवाल पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने को तैयार है. इसीलिए बीजेपी ने तमाम सवालों का जवाब देते हुए एक बुकलेट भी तैयार की है जिसे देश भर में बांटा जा रहा है.
प्रदेश और जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस
इस व्यापक अभियान में राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर पर प्रेस कान्फ्रेंस की जा रही हैं. इसमें अभियान के प्रमुख विषयों और कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही हैं. सभी भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री क्रमवार दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इसके अतिरिक्त, प्रत्येक प्रदेश के प्रमुख मीडिया केंद्रों तथा सभी जिलों में राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही हैं. इसके समन्वय का काम अनिल बलूनी और आशीष अग्रवाल को सौंपा गया है. वहीं "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" पदयात्रा के समन्वय का दायित्व हरीश द्विवेदी, तरुण चुग, शिवराज सिंह चौहान और भूपेंद्र यादव को दिया गया है. प्रमुख नागरिक गोष्ठियों का आयोजन भी किया जा रहा है. इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख नागरिक गोष्ठियों में लगभग 200 प्रबुद्ध एवं आमंत्रित नागरिकों की सहभागिता होगी. इस संवाद के दौरान एसआईआर, मतदाता सूची की शुद्धता, चुनावी प्रक्रिया और विभिन्न संवैधानिक विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श तथा प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किए जाएंगे. इसके समन्वय का काम बिप्लब कुमार देब, सतीश पूनिया, स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, रोहन गुप्ता और अनिल एंटनी को दिया गया है.
युवाओं के बीच जा रही है पार्टी
पार्टी देश भर में युवाओं के बीच भी जा रही है. "लोकतंत्र बनाम अराजकता" युवा और विद्यार्थी संवाद आयोजित किए जा रहे हैं. सभी जिलों के चयनित महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई और प्रमुख कोचिंग संस्थानों में युवा संवाद आयोजित किए जा रहे हैं. इनमें मुख्य संबोधन के साथ-साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी होंगे. राष्ट्रीय स्तर पर इसके माध्यम से 10 लाख से अधिक युवाओं और पेशेवरों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके समन्वय का काम हेमांग जोशी, सुनील बंसल, मनसुख भाई मांडविया, डॉ. स्वदेश सिंह और तेजस्वी सूर्या को सौंपा गया है.
बीजेपी का है बड़ा प्लान
"लोकतंत्र बनाम अराजकता" पर छात्रों की प्रतिस्पर्धा भी हो रही है. विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में संवैधानिक मूल्यों, लोकतंत्र, राष्ट्रीय विकास, नागरिक कर्तव्यों एवं चुनावी प्रक्रियाओं से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं तथा रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. इसके लिए अश्विनी वैष्णव, मनसुख भाई मांडविया, हेमांग जोशी, वरुण झावेरी, डॉ. अभिनव प्रकाश, विनीत त्यागी और अखिला बंदम को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बीजेपी "घुसपैठिया हटाओ, अराजकता बचाओ" - इन्फ्लुएंसर्स एवं प्रमुख नागरिक आउटरीच भी कर रही है. इसके तहत प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक वर्गों के 2,000 प्रभावशाली व्यक्तियों (इन्फ्लुएंसर्स), बुद्धिजीवियों और नागरिकों के साथ संपर्क एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इनमें एसआईआर तथा मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़ी तथ्यात्मक जानकारियां साझा की जा रही हैं. उपस्थित प्रभावशाली व्यक्तियों की जानकारी सरल पोर्टल पर फोटो एवं विवरण सहित अपलोड की जाएगी. इसके समन्वय का काम संजय भाटिया, डी. पुरंदेश्वरी, तीरथ सिंह रावत, डॉ. भोला सिंह और के. सुरेंद्रन को दिया गया है.
एक वरिष्ठ बीजेपी नेता के अनुसार यह अभियान पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर देश की लोकतांत्रिक शुचिता, सुरक्षा और विकास के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा. बीजेपी अध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं के आगे आकर मैदान में उतरने से कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन भी होगा और इस अभियान को गति भी मिलेगी.
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