कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में बीजेपी और जेडीएस के 12 विधायकों पर क्रॉस वोटिंग करने का संदेह है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी इस पर नाराजगी जताई थी. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा समेत कई नेताओं को दिल्ली तलब किया था. इस मामले में बीजेपी के सीनियर नेता जगदीश शेट्टार ने बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने पहले ही कहा है कि जिन लोगों ने क्रॉस-वोटिंग की है, उन्होंने पार्टी-विरोधी काम किया है और पार्टी के आदेश का उल्लंघन किया है. प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी आलाकमान को इस पर कार्रवाई करने का अधिकार है. शेट्टार के बयान से माना जा रहा है कि भाजपा इस मामले में बड़ा एक्शन ले सकती है.
कर्नाटक में 12 एनडीए विधायकों पर शक
जगदीश शेट्टार ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है. हमें मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक एनडीए के 12 विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है. कुछ विधायकों पर शक है. हम अभी इन दावों की सच्चाई की जांच कर रहे हैं. जांच पूरी होने पर सच सामने आ जाएगा. हम तीनों मिलकर लगभग 1-2 दिनों में एक शुरुआती रिपोर्ट सौंपेंगे, इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष इस शुरुआती जानकारी के आधार पर फैसला ले सकते हैं.
कांग्रेस के झांसे में आ गए विधायक
जगदीश शेट्टार ने कहा कि यह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है कि विधान परिषद चुनाव में बीजेपी की तरफ से क्रॉस-वोटिंग हुई. इसकी उम्मीद नहीं थी. हालांकि कांग्रेस सरकार का बहुत दबाव था और पैसे का बड़ा लालच दिया गया था. जिससे कुछ भोले-भाले विधायक इसके झांसे में आ गए. हमने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है. जैसे ही कमेटी की रिपोर्ट आएगी. आगे का एक्शन लिया जाएगा. बताया जा रहा है कि नितिन नवीन ने कर्नाटक के मामले में नजर रख रहे हैं.
कर्नाटक में 7 से 5 सीटें जीती थी कांग्रेस
दरअसल, कर्नाटक एमएलसी चुनाव में क्रॉस वोटिंग की बात तब सामने आई जब नतीजों में सत्ताधारी कांग्रेस ने 7 में से 5 सीटें जीत ली. जबकि बीजेपी को 2 सीटें मिली थी. बीजेपी और जेडीएस मिलकर तीन सीटें जीत सकती थी. लेकिन 2 ही सीटें मिली. कांग्रेस उम्मीदवारों को 151 वोट मिले थे. जबकि पार्टी के पास 140 विधायक की हैं. ऐसे में 11 वोट ज्यादा मिले. वहीं भाजपा के पास 64 विधायक हैं, लेकिन पार्टी के उम्मीदवारों को 56 वोट मिले. इसी तरह जेडीएस के पास 18 विधायक हैं, लेकिन वोटिंग में केवल 14 वोट ही मिले. इस तरह भाजपा और जेडीएस के 12 विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का शक है. गुप्त मतदान प्रणाली की वजह से विधायकों के नाम सामने नहीं आए हैं.
बीजेपी अब इस मामले में एक्शन मोड में दिख रही है. पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र को भी दिल्ली बुलाया है. हालांकि क्रॉस वोटिंग पर विजयेंद्र का कहना था कि गुप्त मतदान प्रणाली की वजह से क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान करना मुश्किल हो गया है. लेकिन पार्टी इस मामले में जांच के बाद एक्शन लेगी. क्योंकि शक सभी 64 विधायकों पर है. इसलिए मामले की जांच की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की छवि बचाने के लिए इस मामले को सुलझाना जरूरी है.
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