- बीजेपी यूपी में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए आज उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर सकती है.
- यूपी में एक नया समीकरण बनता दिख रहा है, जयंत चौधरी का नाम भी राज्यसभा की लिस्ट में आ सकता है.
- यूपी में राजनीतिक चर्चा है कि जयंत चौधरी NDA प्रत्याशी के तौर पर राज्यसभा जा सकते हैं.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए बीजेजी सोमवार को अपनी लिस्ट जारी कर सकती है. जिसमें एक चौंकाने वाला नाम भी सामने आ सकता है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को अपने कोटे से राज्यसभा भेज सकती है. सियासी गलियारों में जयंत चौधरी के नाम की चर्चा तेज हो गई है, इसके अलावा उनकी पत्नी चारु चौधरी के नाम की चर्चा भी है. जयंत चौधरी 2022 में समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा सांसद चुने गए थे. लेकिन अब वह NDA का हिस्सा हैं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा नए समीकरण बनाकर जयंत चौधरी के सहारे एक तीर से कई निशाने साधने की तैयारी में है.
क्या आने वाला है जयंत चौधरी का नाम
बीजेपी राज्यसभा उम्मीदवारों की जो लिस्ट जारी करेगी उसमें कुछ नाम चौंकाने वाले हो सकते हैं. जिसमें राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी का नाम सामने आए तो हैरान मत होना. क्योंकि यूपी से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा चल रही है. दरअसल, जयंत का मौजूदा राज्यसभा का कार्यकाल 2028 तक है, ऐसे में भाजपा उन्हें अब एनडीए के कोटे से राज्यसभा भेज सकती है.
अखिलेश यादव के चवन्नी वाले दांव की काट
जयंत चौधरी 2022 में सपा के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे. लेकिन जब वह एनडीए में आ गए थे अखिलेश यादव ने उन पर कई बार सीधा निशाना साधा. हाल ही में अखिलेश ने चवन्नी वाला बयान दिया था. उन्होंने कहा था हमने उन्हें चवन्नी से रुपया बना दिया. जिसके बाद जयंत ने भी पलटवार किया था. राजनीतिक जानकारों का मानना है जयंत चौधरी विपक्ष के इन आरोपों की हवा निकालने की तैयारी में हैं, अगर वह भाजपा से राज्यसभा जाते हैं तो अखिलेश यादव का एहसान भी उतर जाएगा. जबकि जाट लैंट में एक मैसेज भी दिया जाएगा कि भाजपा और आरएलडी का गठबंधन पूरी मजबूती के साथ तैयार है. इसके अलावा एक चर्चा यह भी है कि जयंत की पत्नी चारू चौधरी भी राज्यसभा जा सकती हैं.
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जयंत चौधरी को डबल फायदा ?
अगर भाजपा अपने कोटे से जयंत चौधरी को राज्यसभा भेजती है तो उन्हें अपने मौजूदा राज्यसभा के कार्यकाल से इस्तीफा देना होगा. ऐसी स्थिति में जयंत फायदे में हो सकते हैं. क्योंकि उनका मौजूदा कार्यकाल 1.5 साल से कुछ ज्यादा बचा हुआ है. रणनीतिक समझौते के तहत भाजपा वह खाली सीट आरएलडी के किसी अन्य वरिष्ठ नेता या जयंत की पत्नी चारू चौधरी को दे सकती है. ऐसे में राज्यसभा में भी आरएलडी की सीटें एक से बढ़कर दो सकती हैं. खास बात यह है कि इस दांव से भाजपा विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे में अपने नए समीकरण साध सकती है.
2027 को कैसे साधेगी भाजपा ?
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में बड़ा झटका लगा था. खासकर पश्चिमी यूपी में पार्टी को करारी हार मिली थी. हालांकि जयंत की पार्टी आरएलडी को मिली दोनों सीटों पर जीत मिली थी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जयंत चौधरी जाट किसानों और पिछड़ों के बड़े नेता माने जाते हैं, भाजपा अगर उन्हें राज्यसभा में फिर से मौका देती तो यह जाट समुदाय को यह संदेश देना चाहती है कि एनडीए में उनके नेता का कद सर्वोच्च है. साथ ही राज्यसभा में आरएलडी को तरजीह देकर भाजपा विधानसभा चुनावों में सीटों के तालमेल को आसान कर सकती है. ऐसे में भाजपा जयंत चौधरी के सहारे मिशन-2027 को साधने की तैयारी में है.
आज आ सकती है भाजपा की लिस्ट
भाजपा यूपी की राज्यसभा सीटों के लिए आज उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर सकती है. माना जा रहा है कि भाजपा 8 नामों का ऐलान कर सकती है. हालांकि आठवीं सीट जीतने के लिए क्रॉस वोटिंग कर कुछ ही विधायकों के वोटों की जरूरत है. ऐसे में मुकाबला दिलचस्प हो सकता है.
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