- बिहार के मनेर थाना क्षेत्र में पुलिस और संदिग्ध अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन अपराधी मारे गए थे
- एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस ने 18 गोलियां चलाईं और अपराधियों की ओर से 24 से अधिक गोलियां चलीं
- मृतक जयप्रकाश यादव, राजा कुमार और बबलू यादव पर हत्या, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले दर्ज थे
बिहार में शुक्रवार को दो अलग-अलग स्थानों पर पुलिस के साथ मुठभेड़ में तीन संदिग्ध अपराधी मारे गए.एनकाउंटर मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर इलाके में हुआ था. एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि STF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम अपराध नियंत्रण अभियान के तहत गश्त कर रही थी. इसी दौरान सूचना मिली कि कई आपराधिक वारदातों में शामिल रहे कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में इलाके में जुटे हैं. उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. जवाब में मनेर थाना प्रभारी और उनकी टीम ने भी गोलीबारी की. इस एनकाउंटर को लेकर परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं. सांसद मीसा भारती भी मौके पर पहुंची. पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है.
इस बीच मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने दानापुर सदर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया. तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया था. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस मुठभेड़ को सुनियोजित कार्रवाई करार देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर तीनों को निशाना बनाया.
मीसा भारती परिजनों से मिलने पहुंची
आरजेडी की स्थानीय सांसद मीसा भारती भी परिजनों से मिलने अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पुलिस मुठभेड़ों के जरिए जानबूझकर एक खास जाति के लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया.
मीसा भारती ने कहा, 'बिहार में मुठभेड़ की घटनाएं बढ़ गई हैं. यहां के मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से एक खास जाति को निशाना बनाते हुए बयान देते हैं और हरे गमछे पहनने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का निर्देश देते हैं.'
उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री और दानापुर के विधायक रामकृपाल यादव की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि रामकृपाल यादव मृतकों के परिजनों से मिलने और उनके प्रति संवेदना व्यक्त करने नहीं पहुंचे.
इस दौरान भीड़ ने एक ऐसे व्यक्ति को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, जिसके बारे में प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उसने घटना से पहले मृतकों को पुलिस के पास बुलवाया था. इसको लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई. इसमें एएसपी अजीत कुमार को मामूली चोटें आने की सूचना है.
क्या हुआ था?
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि अपराधियों की एक गोली थाना प्रभारी की वर्दी को छूकर निकल गई. पुलिस के अन्य जवानों को भी निशाना बनाया गया. शर्मा ने बताया कि पुलिस ने 18 गोलियां चलाईं, जबकि अपराधियों की ओर से 24 से अधिक गोलियां चलाईं गईं. इस घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए गए हैं.
उन्होंने बताया कि तीनों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे दानापुर, शाहपुर तथा आसपास के थानों में दर्ज कई मामलों में वांछित थे. अष्टमी के दिन मनेर में हुई एक हत्या के मामले में भी उनकी संलिप्तता सामने आई थी. एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और शवों का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच कराया जाएगा.
पुलिस ने मृतकों की पहचान दानापुर निवासी जयप्रकाश यादव तथा शाहपुर निवासी राजा कुमार और बबलू यादव के रूप में की है. पुलिस के अनुसार, जयप्रकाश यादव के खिलाफ पटना के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, मारपीट तथा अवैध हथियार और विस्फोटक रखने से संबंधित नौ मामले दर्ज थे. वहीं, राजा कुमार और बबलू यादव के खिलाफ शस्त्र अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दो-दो मामले दर्ज थे.
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