बेंगलुरु के चंद्रा लेआउट क्षेत्र से कर्ज वसूली के नाम पर महिला के अपहरण और प्रताड़ना का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि 30 वर्षीय महिला को नौकरी और पैसों का लालच देकर बुलाया गया, जिसके बाद उसे और उसके छोटे बच्चे को जबरन एक घर में ले जाकर चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान महिला से मारपीट की गई और उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाया गया. पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी. सूचना मिलने पर पुलिस ने महिला को छुड़ाया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
नौकरी का झांसा देकर बुलाया, फिर बनाया बंधक
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार पुलिस में दर्ज एफआईआर के बताया गया है कि पीड़िता ने करीब दो वर्ष पहले नजहत बेगम से 50 हजार रुपये और रेशमा बानो से एक लाख रुपये उधार लिए थे. आर्थिक तंगी के चलते वह पिछले कुछ समय से किस्त और ब्याज नहीं चुका पा रही थी. पीड़िता के अनुसार 27 अगस्त को नजहत बेगम ने उसे काम और पैसे देने की बात कहकर मेट्रो लेआउट स्थित अपने घर बुलाया. शाम करीब साढ़े पांच बजे वह अपने नाबालिग बेटे के साथ वहां पहुंची. आरोप है कि उसी दौरान रेशमा बानो, उसका पति सुहेल और अन्य लोग वहां पहुंचे, दरवाजा बंद कर दिया और महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी.
11 लाख रुपये की मांग, मोबाइल भी तोड़ा
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उससे ब्याज समेत 11 लाख रुपये की मांग की. विरोध करने पर उसे चाकू दिखाकर धमकाया गया. आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया. एफआईआर के अनुसार शाम करीब सात बजे महिला और उसके बच्चे को जबरन ऑटो में बैठाकर कुंबलगोडु इलाके में स्थित एक मकान में ले जाया गया. वहां उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया और लगातार प्रताड़ित किया गया.
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 29 अगस्त को आरोपियों ने उसे कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया और मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किया. इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग की गई. महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी सुहेल ने कर्ज की रकम वसूलने के लिए उसे देह व्यापार में धकेलने की धमकी भी दी.
पुलिस ने कराया रेस्क्यू
एफआईआर के मुताबिक 31 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद टीम कुंबलगोडु स्थित घर पहुंची. पुलिस ने महिला को कथित कैद से छुड़ाया और चंद्रा लेआउट थाने ले गई. मामले में अपहरण, गलत तरीके से बंधक बनाने, मारपीट, आपराधिक धमकी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
चार आरोपी नामजद
पुलिस ने इस मामले में नजहत बेगम (A1), रेशमा बानो (A2), सुहेल (A3) और सैफ (A4) को आरोपी बनाया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है. इस घटना ने कर्ज वसूली के तरीकों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों ने महिला को बंधक बनाकर रखने और कथित ब्लैकमेलिंग की साजिश किस तरह रची थी.
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