- BJP ने असम चुनाव के लिए 89 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है.
- असम गण परिषद को 26 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को दस सीटें दी गई हैं, जो गठबंधन का हिस्सा हैं.
- PM मोदी अप्रैल में असम में तीन रैलियां करेंगे, जबकि अमित शाह मार्च में पूरे राज्य में चुनाव प्रचार करेंगे.
BJP ने असम के लिए अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है. पार्टी ने अपने NDA सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे पर समझौता कर लिया है और PM मोदी के नेतृत्व में चुनाव प्रचार के अंतिम चरण की तैयारी तेज़ कर दी है. असम विधानसभा चुनाव में BJP 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि उसके सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) 26 सीटों पर और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे.
सीटों का यह बंटवारा पार्टी के भीतर विस्तृत चर्चा के बाद तय किया गया है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, अब पूरा ध्यान उम्मीदवारों के नामों की घोषणा और चुनाव प्रचार को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित किया जाएगा. चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के असम में तीन रैलियां संबोधित करने की संभावना है. इन रैलियों के लिए 1, 3 और 6 अप्रैल की संभावित तिथियां निर्धारित की गई हैं. ये रैलियां मुख्य रूप से उन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होंगी, जहां BJP अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मार्च महीने में पूरे राज्य में व्यापक चुनावी अभियान की अगुवाई करेंगे. इस दौरान वे कई जिलों का दौरा करेंगे, ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाया जा सके और आम लोगों तक पार्टी की पहुंच को और सुदृढ़ किया जा सके.
BJP की केंद्रीय चुनाव समिति उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक कर रही है. सूत्रों का कहना है कि अधिकांश सीटों पर निर्णय ले लिया गया है और पार्टी संभवतः अगले दो दिनों में अपने सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी.
सूत्रों के अनुसार, टिकट वितरण की प्रक्रिया अभी भी संवेदनशील बनी हुई है और इसके परिणामों का स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर गहरा असर पड़ सकता है. अंदरूनी चर्चाओं में 2027 में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया का भी उल्लेख हुआ, जिसके बारे में पार्टी नेताओं का मानना है कि इसका राज्य की राजनीति पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा. सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिए जाने और शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता बढ़ने के साथ ही BJP अब असम में अपनी चुनावी रणनीति को ज़मीन पर उतारने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है.
सूत्रों के मुताबिक, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में BJP की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक होने वाली है, जिसमें असम चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी. BJP असम में 89 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और संभावना है कि पार्टी एक ही बार में सभी सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी. इस बार BJP ने अपने सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) को 26 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को 10 सीटें देने का फैसला किया है.
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मार्च महीने में पूरे असम में व्यापक चुनावी अभियान चलाएंगे. कोशिश यह है कि शाह इस दौरान करीब 12 रैलियां करें. इसके बाद चुनाव के अंतिम चरण में PM मोदी को भी रैलियों के लिए बुलाया जाएगा. असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम चुनाव में टिकट वितरण का बड़ा महत्व होता है. उनके मुताबिक, “अभी तक जो माहौल है, उसमें हम अच्छी स्थिति में हैं और फिर से सरकार बनाएंगे.”
कांग्रेस नेताओं के BJP में शामिल होने पर उन्होंने टिप्पणी की कि “असम कांग्रेस में अब कोई रहना नहीं चाहता. धीरे-धीरे सभी लोग BJP में आएंगे.” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस से बीजेपी में आए भूपेन बोहरा और प्रद्युत बारदलोई को BJP टिकट देने जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, असम चुनाव में जोरहाट सीट से चुनाव लड़ रहे गौरव गोगोई के खिलाफ मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा प्रचार नहीं करेंगे. इस सीट से मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष पहले भी चुनाव लड़ते रहे हैं, और BJP एक बार फिर उन्हें ही टिकट देने जा रही है.
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