- केजरीवाल ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से शिक्षा और स्वास्थ्य पर समान सोच के साथ मुलाकात की
- केजरीवाल ने स्टालिन के नेतृत्व में तमिलनाडु में हुए विकास कार्यों और महिला सशक्तिकरण की प्रशंसा की
- एम.के. स्टालिन ने विपक्षी दलों की एकता और राहुल गांधी के परिसीमन विधेयक के विरोध में समर्थन की सराहना की
दिल्ली के पूर्व सीएम और AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से मुलाकात की. इस मुलाकात को लेकर केजरीवाल ने कहा कि दोनों नेताओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण को लेकर एक समान सोच है. केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वे हमेशा एक‑दूसरे से सीखते रहे हैं. उन्होंने तमिलनाडु में लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए एम.के. स्टालिन के समर्पित शासन की सराहना की. केजरीवाल ने कहा कि तमिलनाडु में स्टालिन के नेतृत्व में किए गए कार्यों का लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिसकी वह प्रशंसा करते हैं.
Honoured to meet with the Chief Minister of Tamil Nadu, Thiru @mkstalin . We share a common vision for education, healthcare, and women's empowerment.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 20, 2026
We have always learnt from each other. I deeply appreciate the impact his dedicated governance has created in transforming the… pic.twitter.com/3hgnlpe6Pf
परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष की सराहना
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को 'इंडिया' गठबंधन के तहत विपक्षी दलों की एकता की सराहना की थी और केंद्र के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का सामूहिक रूप से विरोध करने के लिए नेताओं का आभार व्यक्त किया था. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में स्टालिन ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया. उन्होंने संसद में उस मुद्दे को उठाया, जिसे स्टालिन ने भाजपा द्वारा बिना पर्याप्त परामर्श या आम सहमति के कानून को जल्दबाजी में पारित कराने का प्रयास बताया.
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स्टालिन ने राहुल, खरगे, अखिलेश और ममता के समर्थन को स्वीकारा
स्टालिन ने सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, सीपीआई नेता डी राजा, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी नेता शरद पवार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के समर्थन को भी स्वीकार किया.
राजनीतिक संतुलन को बिगाड़ने का आरोप
स्टालिन ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का इस्तेमाल देश को उत्तर-दक्षिण आधार पर बांटने और भारत के राजनीतिक संतुलन को बदलने के लिए एक राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के एकजुट रुख ने ऐसे प्रयासों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है. स्टालिन ने कहा, "उन्होंने हमें कमजोर करने और हराने के लिए हमें उत्तर और दक्षिण के आधार पर बांटने की कोशिश की। लेकिन इंडिया एकजुट होकर खड़ा रहा और उनकी साज़िश को नाकाम कर दिया."
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विपक्षी दलों के बीच निरंतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने मौजूदा समय को एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई की महज शुरुआत बताया. उन्होंने आने वाले दिनों में भाजपा की नीतियों का मुकाबला करने के लिए और अधिक मजबूत तथा निर्णायक प्रतिक्रिया का आह्वान किया. यह बयान परिसीमन को लेकर तेज होती राजनीतिक बहस के बीच आया है, जिसमें दक्षिण के कई नेताओं ने प्रतिनिधित्व पर इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताई है. स्टालिन की टिप्पणियां इंडिया गठबंधन के उस प्रयास को रेखांकित करती हैं, जिसके तहत वह अहम चुनावी मुक़ाबलों से पहले अपनी एकता को प्रदर्शित करना और अपनी स्थिति को मज़बूत करना चाहता है.
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