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तमिलनाडु में चुनाव कब, कितनी सीटें, कौन मुख्य दावेदार, क्या मुद्दे... यहां जानें इन सभी सवालों के जवाब

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 4 मई को होगी. यहां डीएमके के नेतृत्व वाले एसपीए और AIADMK के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच मुख्य मुकाबला है. हालांकि एक्टर विजय की TVK पार्टी भी पूरा जोर लगा रही है.

तमिलनाडु में चुनाव कब, कितनी सीटें, कौन मुख्य दावेदार, क्या मुद्दे... यहां जानें इन सभी सवालों के जवाब
  • तमिलनाडु में 2026 का विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक चरण में संपन्न होगा और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे
  • राज्य में कुल 234 विधानसभा सीटें हैं जिनमें से 44 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं
  • मुख्य दावेदार एमके स्टालिन, पलानीस्वामी और अभिनेता विजय हैं जो चुनाव में मजबूत माने जा रहे हैं
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चेन्‍नई:

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर उत्साह चरम पर है. 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले तमाम राजनीतिक दल तूफानी प्रचार में लगे हुए हैं.  जहां देश के बड़े-बड़े नेता तमिलनाडु पहुंचकर जनता से समर्थन मांग रहे हैं, वहीं प्रत्याशी भी अपने विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं से मिलकर वोट अपील कर रहे हैं. अगर आपके मन में तमिलनाडु राज्य की राजनीति, विधानसभा क्षेत्र, प्रमुख पार्टियां और वहां के बड़े नेताओं को लेकर सवाल हैं, तो हम उससे जुड़ी कुछ जानकारियां यहां लेकर आए हैं.

तमिलनाडु की राजनीति और चुनाव को लेकर कुछ सवाल और जवाब :

सवाल- तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव कब हो रहे हैं?

जवाब- तमिलनाडु में 2026 के चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे. नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.

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सवाल- तमिलनाडु में कितनी विधानसभा सीटें हैं?

जवाब- राज्य में 234 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से 44 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं. राज्य को पश्चिमी, दक्षिणी, मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है.

सवाल- इस बार मुख्य दावेदार कौन हैं?

जवाब- एम. के. स्टालिन वर्तमान मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के अध्यक्ष हैं. एडप्पाडी पलानीस्वामी विपक्ष के नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के महासचिव हैं. वहीं अभिनेता और तमिलगा वेट्री कज़गम के प्रमुख सी. जोसेफ विजय को स्टालिन और पलानीस्वामी दोनों को चुनौती देने वाली एक मजबूत नई ताकत के रूप में देखा जा रहा है.

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सवाल- क्या अभिनेता विजय वाकई एक बड़े प्रतिद्वंद्वी हैं?

जवाब- इस सवाल का जवाब तो नतीजे ही देंगे, लेकिन उनके पास जबरदस्त फैन फॉलोइंग है और उन्हें अच्छे वोट शेयर मिलने का पूरा भरोसा है. ऐतिहासिक रूप से, तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच मुकाबला रहा है. यह कहना मुश्किल है कि विजय की पार्टी इसे बदल पाएगी या नहीं, लेकिन उनके प्रशंसक बहुत बड़ी संख्या में हैं.

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सवाल- चुनाव के मुख्य मुद्दे क्या हैं?

जवाब- परिसीमन विधेयक, महिलाओं के लिए आरक्षण, डीएमके के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर, जाति और जमीनी स्तर पर चुनावी समीकरण चुनाव के प्रमुख मुद्दे हैं.

सवाल- क्या इस बार भाजपा बेहतर प्रदर्शन करेगी?

जवाब- भाजपा को उम्मीद है कि वह 2021 से बेहतर प्रदर्शन करेगी. वह 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जो एआईएडीएमके गठबंधन में शामिल होने के बाद से उसकी सबसे अधिक सीटों में से एक है. बीजेपी को दक्षिण और पश्चिमी तमिलनाडु में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है. साथ ही, वह राज्य के अन्य हिस्सों में भी सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है.

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सवाल- जयललिता की पार्टी की क्या स्थिति है?

जवाब- जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके प्रमुख विपक्षी दल है. यह भाजपा के साथ गठबंधन में है. गठबंधन ने 2021 में 234 सीटों में से 75 सीटें जीती थीं और इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है. एआईएडीएमके का पूरे राज्य में मजबूत संगठन है और 2021 में उसे 33 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के अलग से चुनाव लड़ने पर उसका वोट शेयर घटकर 27 प्रतिशत रह गया था.

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तमिलनाडु में 2026 के चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे. नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.
राज्य में 234 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से 44 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं. राज्य को पश्चिमी, दक्षिणी, मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है.
एम. के. स्टालिन वर्तमान मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के अध्यक्ष हैं. एडप्पाडी पलानीस्वामी विपक्ष के नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम के महासचिव हैं. वहीं अभिनेता और तमिलगा वेट्री कज़गम के प्रमुख सी. जोसेफ विजय को स्टालिन और पलानीस्वामी दोनों को चुनौती देने वाली एक मजबूत नई ताकत के रूप में देखा जा रहा है.
इस सवाल का जवाब तो नतीजे ही देंगे, लेकिन उनके पास जबरदस्त फैन फॉलोइंग है और उन्हें अच्छे वोट शेयर मिलने का पूरा भरोसा है. ऐतिहासिक रूप से, तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच मुकाबला रहा है. यह कहना मुश्किल है कि विजय की पार्टी इसे बदल पाएगी या नहीं, लेकिन उनके प्रशंसक बहुत बड़ी संख्या में हैं.
परिसीमन विधेयक, महिलाओं के लिए आरक्षण, डीएमके के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर, जाति और जमीनी स्तर पर चुनावी समीकरण चुनाव के प्रमुख मुद्दे हैं.
भाजपा को उम्मीद है कि वह 2021 से बेहतर प्रदर्शन करेगी. वह 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जो एआईएडीएमके गठबंधन में शामिल होने के बाद से उसकी सबसे अधिक सीटों में से एक है. बीजेपी को दक्षिण और पश्चिमी तमिलनाडु में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है. साथ ही, वह राज्य के अन्य हिस्सों में भी सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है.
जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके प्रमुख विपक्षी दल है. यह भाजपा के साथ गठबंधन में है. गठबंधन ने 2021 में 234 सीटों में से 75 सीटें जीती थीं और इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है. एआईएडीएमके का पूरे राज्य में मजबूत संगठन है और 2021 में उसे 33 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के अलग से चुनाव लड़ने पर उसका वोट शेयर घटकर 27 प्रतिशत रह गया था.

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