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अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI ने अपनी FIR में क्या कुछ लिखा, जान लीजिए

CBI की यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन धाराओं के तहत दर्ज की गई है. धारा 238,धारा 249, धारा 45 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI ने अपनी FIR में क्या कुछ लिखा, जान लीजिए
अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई की आई एफआईआऱ
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  • उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में CBI ने FIR दर्ज कर स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है
  • CBI ने FIR उत्तराखंड पुलिस की पूर्व FIR को री-रजिस्टर्ड करते हुए धारा 238, 249 और 45 के तहत दर्ज की है
  • सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और वीडियो में बताया गया कि इस हत्याकांड में बीजेपी का एक बड़ा नेता शामिल है
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उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में CBI ने FIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है. CBI ने यह FIR उत्तराखंड पुलिस द्वारा पहले दर्ज की गई FIR को लेते हुए री-रजिस्टर्ड की है. यह FIR पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर दर्ज की गई थी. डॉ. जोशी ने अपनी शिकायत में कहा था कि सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप्स वायरल हो रही हैं, जिनमें VVIPs का ज़िक्र किया गया है. हालांकि, अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल आरोपियों को सजा हो चुकी है, लेकिन आरोप है कि इस मामले से जुड़े कुछ सबूतों को नष्ट किया जा रहा है. 

इसी वजह से मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी, जिसके बाद अब CBI ने केस दर्ज कर लिया है. आपको बता दें कि CBI द्वारा दर्ज की गई FIR में फिलहाल किसी को भी नामज़द आरोपी नहीं बनाया गया है. CBI की यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन धाराओं के तहत दर्ज की गई है. धारा 238,धारा 249, धारा 45 के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

आपको बता दें कि पिछले महीने अंकिता के माता-पिता ने सीएम धामी से मुलाकात कर कुछ अहम बातों पर उनका ध्यान आकर्षित किया था. उस मुलाकात के दौरान अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीएम धामी से मांग की थी कि इस मामले में वीवीआईपी कौन था, इसका पता चलना चाहिए. साथ ही उन्होंने मांग की थी कि इस मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो. उत्तराखंड में उस दौरान बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लोग सड़कों पर थे.विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ आंदोलनकारी संगठन और आम लोग यह मांग कर रहे थे कि इस हत्याकांड में वीवीआईपी कौन था इसकी जांच सीबीआई से की जाए.

दरअसल, यह मांग इसलिए उठ रही है क्योंकि उर्मिला सनावर जो कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी होने का दावा करती है ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक वीडियो और ऑडियो पोस्ट किया था. ऑडियो और वीडियो पोस्ट में यह बात सामने आई थी कि बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीवीआईपी बीजेपी का एक बड़ा नेता शामिल था. अब इसको लेकर उत्तराखंड में सियासत गरमा गई है. सोशल मीडिया के अलावा लोग सड़कों पर है और लगातार सीबीआई की जांच की मांग कर रहे हैं. वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में सफाई देते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले की जो भी उचित जांच होगी वो करवाएगी. 

अंकिता के पिता ने क्या कहा था?

इस दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया था कि देर शाम मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात हुई थी. इस दौरान मुख्यमंत्री से उन्होंने वीवीआईपी के नाम का खुलासा और इस मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में करने की मांग की थी.

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