- उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में रविवार को बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला है.
- पर्वतीय जिलों में बंद का व्यापक समर्थन रहा जबकि देहरादून के पलटन बाजार में दुकानें कुछ समय के लिए बंद हुईं.
- सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं लेकिन लोग सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट निगरानी भी चाहते हैं.
Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI जांच के आदेश तो हो गए हैं लेकिन लोगों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है. रविवार को उत्तराखंड बंद बुलाया गया है. जिसका मिला-जुला असर जरूर देखने को मिल रहा है. पहाड़ों पर कई जगह पूर्ण बंद किया गया है तो वहीं देहरादून में भी प्रदर्शनकरियों ने पलटन बाजार में जाकर व्यापारियों से अपील की और व्यापारियों ने भी अपनी दुकान बंद की. अंकिता भंडारी हत्याकांड में VVIP कौन था? वंतरा रिसोर्ट को तोड़ने वाले विधायक, और कॉल डिटेल के खुलासे को लेकर लोग सड़कों पर हैं. लोगों में लगातार इस बात का गुस्सा और रोष भी है कि इस मामले की जांच में लापरवाही बरती गई है. यही वजह है कि राज्य भर के हर क्षेत्र और हर कस्बों से सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी.
पहाड़ी जिलों में ज्यादा दिखा बंद का असर
अंकिता भंडारी को न्याय दिलवाले के लिए रविवार 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद बुलाया गया. जिसका उत्तराखंड के प्रत्येक कस्बे शहर और जिलों में मिला-जुला असर देखने को मिला. हालांकि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बंद के समर्थन का असर ज्यादा देखने को मिला. गैरसैण, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, टिहरी, घनसाली, पौड़ी, चमोली, में लोग सड़कों पर उतरे और अपनी दुकानें भी बंद की.

प्रदर्शनकारियों की अपील के बाद दुकानों के शटर गिराते दुकानदार.
देहरादून में प्रदर्शनकारियों की अपील के बाद गिरे दुकानों के शटर
इसके अलावा देहरादून में बाजार खुले मिले लेकिन आंदोलनकारी ने जुलूस निकाला और देहरादून के मुख्य बाजार पलटन बाजार में व्यापारियों से अपील की और उनसे कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कृपया अपनी दुकान कुछ समय के लिए बंद के पलटन बाजार में व्यापारियों ने इस बात का सहयोग किया और अपनी दुकानों के शटर नीचे गिराए.
प्रदर्शनकारी लगातार व्यापारियों से अपील कर रहे थे कि वह कुछ समय के लिए अपनी दुकान के शटर नीचे गिरा दें. इस दौरान उन पलटन बाजार में दुकानों के शटर कुछ समय के लिए गिरी भी गए और लोगों ने इसका समर्थन भी किया हालांकि कुछ देर बाद बाजार जरूर खुल गया.

अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे लोग.
सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो CBI जांच
सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं. लेकिन लगातार राज्य भर से आंदोलनकारी इसी बात की मांग कर रहे हैं कि सीबीआई जांच ही नहीं बल्कि जो उनकी मांग थी जिसमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की जाए. उस पर वे लगातार मांग कर रहे हैं. राज्य में अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में जांच की आग अब हर जगह देखी जा रही है, लगातार लोगों का समर्थन देखने को मिल रहा है.

दुकान का शटर गिराते दुकानदार.
कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल हमलावर
आम जगह से खास जगह पर अंकिता भंडारी हत्याकांड के मामले में वीवीआईपी कौन है इसकी चर्चा होने लग गई है. उत्तराखंड में राजनीतिक पर भी इस मामले को लेकर काफी चढ़ा हुआ है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार इस मामले में सरकार को घेर रही है. इसके अलावा अन्य राजनीतिक दल भी इस मामले में लगातार सरकार पर हमलावर है. देर शाम प्रदेश के हर कोने से मशाल जुलूस या फिर कैंडल मार्च की तस्वीर आ रही है.
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