आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के नेता पवन कल्याण ने सोमवार को राजमहेंद्रवरम में एक सरकारी कार्यक्रम में बेहद साफगोई और हिम्मत दिखाते हुए बड़ी बात कही. अभिनेता से राजनेता बने पवन कल्याण ने माना कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को इतनी जल्दी सफलता हासिल करते देखकर उन्हें थोड़ी ईर्ष्या होती है. विजय की TVK ने डीएमके-एआईएडीएमके जैसे धुरंधर दलों को हराकर पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर सरकार बनाई है. अपने पार्टी सदस्यों को संबोधित करते हुए पवन कल्याण ने कहा कि इन दिनों तमिलनाडु की राजनीति को देखकर उन्हें लगता है कि दूसरों के लिए यह आसान है.
पवन कल्याण का बड़ा बयान
उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, वो कटआउट, पोस्टर और होलोग्राम से जीत जाते हैं और मैं 15 साल से सड़कों पर घूम रहा हूं. अपने 15 साल के राजनीतिक सफर को लेकर कल्याण ने कहा, एक राजनीतिक पार्टी चलाने का मतलब होता है, लाखों लोगों को एकजुट करना. हम अपने परिवार के सदस्यों को भी एक बात पर सहमत नहीं करा पाते. एक पार्टी शुरू करना और समाज को बदलने का प्रयास करना एक बहुत बड़ा जोखिम था.
आंध्र और तमिलनाडु की राजनीति में अंतर
हालांकि इससे पहले पवन कल्याण ने पड़ोसी दक्षिणी राज्यों आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की राजनीति और नेतृत्व की सीधी तुलना को खारिज कर दिया.अमरावती के मंगलागिरी में एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि राजनीतिक लिहाज से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की तुलना करना संभव नहीं है और उनका गठबंधन का रुख आंध्र प्रदेश के लिए उपयुक्त है, भले ही इसमें अधिक समय लगे. अभिनय से राजनीति में कदम रखने वाले विजय की पार्टी टीवीके ने हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बंपर जीत हासिल की है. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके और एआईएडीएमके दो धड़ों वाली राजनीति को खत्म कर उन्होंने बड़ी कामयाबी हासिल की है.
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तमिलनाडु में विजय की शानदार जीत
विजय ने 2024 में अपनी पार्टी टीवीके की शुरुआत की थी और 2026 में 108 सीटें जीतकर वो तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बन गई. उन्होंने दशकों से चली आ रही द्रविड़ पार्टियों डीएमके और एआईएडीएमके के वर्चस्व को समाप्त कर दिया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने. पवन ने 2014 में अपनी जन सेना पार्टी की स्थापना की थी. 2019 के चुनावों में जन सेना को सिर्फ एक सीट मिली. पवन कल्याण खुद दोनों ही सीटों पर हार गए, जहां से उन्होंने चुनाव लड़ा था. कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या पार्टी टिक पाएगी.
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पवन कल्याण एनडीए का हिस्सा
हालांकि एक मजबूत राजनीतिक दावेदार के तौर पर पवन कल्याण ने हार नहीं मानते हुए राजनीति छोड़ने से इनकार कर दिया. उन्होंने धीरे-धीरे अपना संगठन मजबूत किया और अंततः भाजपा और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के साथ गठबंधन किया. समर्थक उन्हें पावर स्टार के नाम से जानते हैं. 2024 के आंध्र प्रदेश चुनाव में जन सेना पार्टी ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ चुनावी प्रदर्शन किया. टीडीपी-भाजपा-जेएसपी का गठबंधन जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर को हराकर सत्ता में आया. पवन कल्याण की पार्टी ने सभी 21 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा और हर सीट पर जीत हासिल करके 100 फीसदी सफलता दर दर्ज की. पवन कल्याण ने स्वयं पिथापुरम विधानसभा क्षेत्र से 70 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की, जो विधानसभा में उनकी पहली जीत थी.
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