- अमित शाह ने चंडीगढ़ में राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं पर कड़ा प्रहार किया
- शाह ने राहुल गांधी की नकली संसद आयोजित करने की रणनीति को प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा से जोड़ा है
- पंजाब में भाजपा खुद की सरकार बनाने के लिए जनादेश मांगेगी और गठबंधन में जूनियर पार्टनर नहीं बनेगी
रविवार को चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व, राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर सवाल उठाए, और साथ ही 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार किया. चंडीगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए, शाह ने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले नारे पर तंज कसा और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता प्यार की बजाय नफरत फैला रहे हैं.
मॉक पार्लियामेंट पर कसा तंज
राहुल गांधी की 'नकली संसद' (मॉक पार्लियामेंट) वाली कवायद पर तंज कसते हुए, शाह ने कहा कि कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए एक नई राजनीतिक रणनीति तैयार की है. शाह ने कहा, “राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, और इसीलिए उन्होंने एक 'नकली संसद' आयोजित करने का नया तरीका निकाला है. राहुल जी, आप अपनी इस नकली संसद में प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं लेकिन, देश का प्रधानमंत्री बनने का आपका सपना कभी पूरा नहीं होगा.”
शाह ने दिल्ली में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, पार्टी को एक और चुनावी हार का सामना करना पड़ने की भविष्यवाणी भी की. उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी अपना खाता तक नहीं खोल पाई है, और दावा किया कि अगले तीन चुनावों में भी उसका यही हश्र होगा. उन्होंने कहा, “पिछले तीन चुनावों में कांग्रेस दिल्ली में एक भी सीट नहीं जीत पाई है. मेरा मानना है कि अगले तीन चुनावों में भी वह अपना खाता नहीं खोल पाएगी. एक बार फिर विपक्ष में बैठने के लिए तैयार हो जाइए.”
पंजाब में जूनियर पार्टी नहीं बनेगी बीजेपी
गृह मंत्री ने दिल्ली के व्यापारियों द्वारा कांग्रेस से की गई उस अपील का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पार्टी से त्योहारों के मौसम में अपनी रैली आयोजित न करने का आग्रह किया था. यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं. भाजपा राज्य में अपनी राजनीतिक पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है. शाह ने बार-बार जोर देकर कहा है कि भाजपा किसी गठबंधन में जूनियर पार्टनर बनकर रहने की बजाय, अपनी खुद की सरकार बनाने के लिए जनादेश मांगेगी. शाह ने पंजाब में बीजेपी के चुनावी अभियान में नशीले पदार्थों की समस्या को मुख्य मुद्दा बनाया है. उन्होंने वादा किया है कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब और पूरे देश को नशा मुक्त कर दिया जाएगा.
आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के साथ ही, पंजाब में राजनीतिक लड़ाई जोर पकड़ने लगी है. शाह के बयानों से संकेत मिलता है कि कांग्रेस और AAP का बीजेपी आक्रामक तरीके से मुकाबला करने की तैयारी में है. इसके लिए पार्टी अपने चुनावी अभियान में नेतृत्व, शासन, नशीले पदार्थों की समस्या और राष्ट्रीय राजनीति को मुख्य मुद्दों के रूप में पेश करेगी.
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