Rajasthan Soldier Martyr News: राजस्थान के सीकर जिले की दांतारामगढ़ तहसील के हरीपुरा गांव के वीर सपूत लांस हवलदार सुरेश कुमार गेनन अमरनाथ यात्रा सुरक्षा ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए. पंजाब के पठानकोट में तैनात सुरेश कुमार भारतीय सेना की 3 जाट रेजिमेंट में लांस हवलदार के पद पर सेवाएं दे रहे थे. सैन्य अधिकारियों ने उनके निधन को बैटल कैजुअल्टी घोषित किया है. इसके बाद आज यानी गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव दातारामगढ़ के हरीपुरा लाया गया जहां उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथशहीद के न साल के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी.
20 मिनट पहले कहा था- जल्द छुट्टी लेकर घर आऊंगा
शहीद के पिता जगदीश गेनन ने भावुक होते हुए बताया कि बुधवार को ड्यूटी पर निकलने से महज 20 मिनट पहले ही उनकी बेटे सुरेश से मोबाइल पर बात हुई थी. फोन पर सुरेश ने पिता से कहा था कि वह सब ठीक है और बहुत जल्द छुट्टी मंजूर कराकर घर आएगा. फोन कटने के कुछ ही देर बाद सेना के अधिकारियों ने परिवार को सुरेश की शहादत की खबर दी, जिसके बाद से माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है.
तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने से पहले खाचरियावास पुलिस चौकी से हरीपुरा गांव तक एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई. इस यात्रा में हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, युवा, पूर्व सैनिक और सामाजिक संगठनों के लोग तिरंगा थामे शामिल हुए. पूरा इलाका 'भारत माता की जय' और 'शहीद सुरेश कुमार अमर रहे' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा.
अमराराम और वीरेंद्र सिंह ने दी विदाई
शहीद के पीछे उनकी पत्नी सीमा देवी, 9 साल का बेटा पियूष और बुजुर्ग माता-पिता हैं. अंतिम विदाई के दौरान सेना की टुकड़ी ने हवाई फायर कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस दुखद और गर्व के क्षण में सीकर सांसद अमराराम, दांतारामगढ़ विधायक वीरेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया.
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