- अलीगढ़ रिंग रोड के लिए 2 तहसीलों के 37 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी.
- इस रिंग रोड के जरिए अलीगढ़ की दिल्ली, नोएडा तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी होगी.
- अलीगढ़ रिंग रोड के जमीन की अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तेजी आएगी.
अलीगढ़ से दिल्ली, आगरा, मथुरा और कानपुर तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी होने वाली है. क्योंकि अलीगढ़ रिंग रोड का काम अब तेज होने वाला है. 37 गांवों की 357 हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहित करने को मंजूरी मिल चुकी है. दिल्ली से इसकी अधिसूचना जारी हो गई है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से नोटिफिकेशन जारी हुआ है. जिससे इस प्रोजेक्ट पर अब तेजी से काम शुरू होगा. इस बड़ी प्रशासनिक हलचल से अलीगढ़ से दिल्ली-NCR तक रियल एस्टेट मार्केट भी तेज गति मिलेगी. जिससे जमीनों के दामों में भी तेजी आएगी. यह प्रोजेक्ट पश्चिमी यूपी से दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को और मजबूत कर देगा.
अलीगढ़ में 37 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
अलीगढ़ में 37 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. जिसमें गभाना तहसील के 10 और कोल तहसील के 27 गांवों की जमीन शामिल है. मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक इस जमीन की 3000 से ज्यादा जमीन के टुकड़ों को चिह्नित किया गया है. प्रशासन इन गांवों के जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित होनी है, उन्हें दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 21 दिनों का समय दिया गया है. इसमें बैनामा, नामांतरण या किसी भी तरह के ट्रांसफर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एनओसी को अनिवार्य कर दिया गया है. बिना एनओसी के इन जमीनों की खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकेगी.
गभाना तहसील के यह गांव शामिल
- पला सल्लू, कोरह रुस्तमपुर, सांगौर, खेरिया हैबत खां, कलुआ, दादूपुर कोटा, सुमेरपुर, समस्तपुर कोटा, अमरौली.
कोल तहसील के 27 गांव
- छेरत सुढ़ियाल, साठा, खेरूपुरा, सपेरा भानपुर, किठारा, जटपुरा, बरौठ, कस्तली वैश्य, पला मजरा कस्तली वैश्य, चंदौखा, मोरथल, मोहनपुर, नयाबांस नरेंद्रगढ़ी, आजमाबाद मछुआ, सिकंदरपुर मछुआ, खान आलमपुर, पनैठी, अदौन, जुलूपुर सिहोर, इमलानी, मई, महमूदपुर जमालपुर, चंगेरी, भोजपुर, अलहदादपुर, बरौठा और हरदुआगंज.
अलीगढ़ से दिल्ली तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी
अलीगढ़ से दिल्ली तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी होगी. यह हाईवे गभाना से शुरू होगा और जवान ब्लॉक, धनिपुर हवाई अड्डे के ठीक पीछे से निकलेगी. यहां से अलीगढ़-कानपुर जीटी रोड, पनेठी, ओजोन सिटी, रामघाट रोड और अनूपशहर रोड को क्रॉस करेगी. इसके बाद अकराबाद के पास किरतपुर टोल, मथुरा बाईपास पर जाकर खत्म होगी. जिससे शहर के चारों तरफ एक परफेक्ट बाईपास लूप तैयार हो जाएगा.
नोएडा के जेवर एयरपोर्ट तक फायदा
इस रिंग रोड के निर्माण का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को मिलेगा. अलीगढ़ का यह रिंग रोड सीधे दिल्ली-कानपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-मुरादाबाद हाईवे और अलीगढ़-पलवल एक्सप्रेसवे को जोड़ देगा. वहीं पलवल एक्सप्रेसवे आगे चलकर इंटरचेंज पर यमुना एक्सप्रेसवे से जुडे़गा. रिंग रोड बनने के बाद वाहन चालक बिना अलीगढ़ शहर में फंसे सीधे यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट की तरफ जा सकेंगे जिससे सफर का समय करीब 40 से 50 मिनट कम हो जाएगा. इसलिए यह रिंग रोड पश्चिमी यूपी और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को सुफरफास्ट कर देगा.
ये भी पढ़ेंः रायपुर से सीधे 14 घंटे में दिल्ली, ग्वालियर-आगरा तक तेज होगी कनेक्टिविटी, NHAI ने तैयार की DPR
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं