- रायपुर से दिल्ली की दूरी अब कम होगी, दोनों शहरों का सफर अब महज 16 घंटे में पूरा होगा.
- रायपुर लखनादौन एक्सप्रेसवे इसमें गेमचेंजर साबित होने वाला है, जिस पर काम शुरू हो चुका है.
- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से इस हाईवे का निर्माण हो रहा है.
रायपुर से दिल्ली अब दूर नहीं होगी. क्योंकि अब छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक सीधी कनेक्टिविटी में रायपुर लखनादौन एक्सप्रेसवे अहम होने वाला है. भारतमाला परियोजना के तहत बना रहा रायपुर लखनादौन इकोनॉमिक कॉरिडोर आपको 24 की जगह 14 घंटे में दिल्ली पहुंचा देगा. यह 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच रहेगा. जिससे दोनों राज्यों के बीच की दूरी भी कम होगी. 310 किलोमीटर की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से तैयार किया जा रहा है. फिलहाल इस परियोजना का बजट 19,500 करोड़ रुपए है. जिससे रायपुर की मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर जबलपुर से भी दूरी बेहद कम हो जाएगी और दोनों शहरों के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी होगी.
रायपुर से दिल्ली जाना होगा आसान
रायपुर से अभी दिल्ली जाने में 24 घंटे तक समय लगता है. अभी दोनों शहरों के बीच की दूरी 1300 किलोमीटर के आसपास है. लेकिन रायपुर-लखनादौन एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच की दूरी को कम करेगा. सबसे पहले रायपुर से 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के जरिए सिवनी जिले के लखनादौन तक जाएगी. यहां पर यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे लंबे उत्तर-दक्षिण हाईवे NH-44 से मिल जाएगा. जो आगे जाकर आपको आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे से जोड़ देगा. आगरा से आगे जाकर यह सीधा यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा, जिसके बाद आप सीधे दिल्ली पहुंच जाएंगे. यह रायपुर से दिल्ली तक सीधी एक एक्सप्रेसवे चेन बन जाएगी. रायपुर से दिल्ली की दूरी 900 किलोमीटर के आसपास हो जाएगी. यानि दूरी में 400 किलोमीटर की कमी आएगी, आपका सफर भी 14 घंटे तक पूरा हो जाएगा.
रायपुर से जबलपुर की दूरी भी होगी कम
रायपुर लखनादौन एक्सप्रेसवे से जबलपुर की दूरी भी कम होगी. क्योंकि फिलहाल रायपुर से जबलपुर जाने के लिए यात्रियों को बिलासपुर, मंडला और चिल्फी घाटी से निकलना पड़ता है. यह पूरा सिंगल लेन रोड है, जिस पर ट्रैफिक का भारी दवाब रहता है. यह एक्सप्रेसवे यात्रियों को रायपुर से सीधे धमधा, खैरागढ़ और मध्य प्रदेश के डिंडोरी-मंडला के पास से होते हुए सीधा लखनदौन तक पहुंचा देगा. पहले के रूट में 340 किलोमीटर का सफर रायपुर से जबलपुर के बीच होता था, जिसे तय करने में 7 से 8 घंटे का समय लग जाता था. लेकिन ताजा रूट में यह सफर 30 से 40 किलोमीटर कम हो जाएगा, जबकि इसे पूरा करने में 4 से 4.5 घंटे का ही वक्त लगेगा.
रायपुर-लखनादौन एक्सप्रेसवे का रूट
- कुम्हारी (रायपुर)
- धमधा
- खैरागढ़
- लांझी
- रजेगांव
- बालाघाट
- बरघाट
- लखनादौन (सिवनी)
छत्तीसगढ़ के लिए अहम
छत्तीसगढ़ के लिए यह प्रोजेक्ट अहम है, क्योंकि एक तरफ यह उत्तर में आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. वहीं दूसरी तरफ दक्षिण में रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे दक्षिण भारत की दूरी कम होगी. यानि दिल्ली से लेकर विशाखापत्तनम तक सुपरफास्ट एक कॉरिडोर बन जाएगा. जो छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिहाज से अहम होगा.
DPR हुई तैयार
रायपुर-लखनादौन एक्सप्रेसवे के लिए DPR को NHAI ने पूरा कर लिया है. हवाई और जमीनी सर्वेक्षण होने के बाद अब यह प्रोजेक्ट रफ्तार पकड़ेगा. दरअसल, इस रूट का 38 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से जंगल से होकर गुजेरगा. इसमें भी 17 किलोमीटर का रूट वन्यजीवों और टाइगर कॉरिडोर से गुजरना है, जिसमें 17 किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक टनल बनाई जाएगी. इसलिए इसे पर्यावरण मंत्रालय से फॉरेस्ट क्लीयरेंस और वाइल्डलाइफ क्लीयरेंस मिलेगा.इसके बाद भूमि अधिग्रहण का काम शुरू होगा. इसके बाद ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी और काम शुरू होगा. माना जा रहा है कि 2027 तक इसका काम शुरू होने की संभावना है.
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