- लखनऊ पुलिस ने डॉ. रमीज के फ्लैट से दो कोर लैपटॉप और एक मोबाइल फोन जब्त कर जांच के लिए भेजा है
- रमीज ने एक लैपटॉप का डेटा डिलीट कर दिया था, फॉरेंसिक टीम ने सभी डिवाइस की जांच शुरू कर दी है
- रमीज के पूछताछ में आगरा की पीड़ित महिला डॉक्टर के धर्मांतरण मामले में काजी जाहिद का नाम सामने आया है
KGMU लव जिहाद और धर्मान्तरण के प्रयास मामले की जांच STF ने आगरा धर्मान्तरण केस के एंगल से अब तेज कर दी है. लखनऊ पुलिस ने डॉ रमीज के लखनऊ वाले फ्लैट से दो कोर लैपटॉप और एक सेलफोन जब्त किए है और दोनों लैपटॉप को टेस्टिंग के लिए भेजा है.STF को उम्मीद है कि इन्वेस्टीगेशन टीम को इन दोनों लैपटॉप से काफ़ी कुछ सुराग मिल सकते हैं. लखनऊ पुलिस रमीज को कोर्ट में पेश कर रिमांड कि अर्जी डाल सकती है.
रमीज के लखनऊ वाले फ्लैट से दो कोर लैपटॉप बरामद
लखनऊ पुलिस ने डॉ रमीज के लखनऊ वाले फ्लैट से दो कोर लैपटॉप और एक सेलफोन बरामद किया है. रमीज को ज़ब मुकदमा दर्ज होने कि भनक लगी तो उसने एक लैपटॉप का डेटा डिलीट कर दिया था. फॉरेनसिक एक्सपर्ट ने सभी डिवाइस को जब्त करके टेस्टिंग और डेटा रिकवरी के लिए लैब भेजा है.
पुलिस कि राडार पर रमीज के करीबी
लखनऊ पुलिस को रमीज से पूछताछ के दौरान कुछ अहम इनपुट मिले है उधर, लखनऊ पुलिस के साथ ही एजेंसियां आगरा की पीड़ित महिला डॉक्टर का पीलीभीत न्योरिया में धर्मांतरण कराकर निकाह कराने वाले काजी जाहिद की तलाश में दबिश दे रही हैं. पीड़िता ने रमीज पर आगरा कि एक महिला डॉक्टर के धर्मान्तरण का आरोप लगाया था. पूछताछ में रमीज ने काजी का नाम लिया है.माना जा रहा है कि जाहिद के मिलने के बाद गिरोह के नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियां मिलेंगी. उसकी तलाश में टीमें दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिम यूपी समेत अन्य जिलों में दबिश दे रही है.
इन जगहों पर रमीज ने काटी थी फरारी
मुकदमा लिखें जाने के 18 दिनों तक फरार रहने वाला आरोपी डॉ रमीज ने पूछताछ के दौरान बताया कि फरारी के दौरान वो सबसे पहले उत्तराखंड खटीमा वाले घर गया. रमीज नेपाल भागने कि फिराक में था लेकिन शरण कि व्यवस्था ने होने पर लौट के मुरादाबाद आ गया इसके बाद बिजनौर और देवबन्द में रहा फिर दिल्ली के एक होटल में ठहरा और आखिर में लखनऊ अपने मुकदमें के सिलसिले में अपने वकील से मिलने आया और पकड़ा गया.
आगरा और KGMU के दौरान कई मौलानों के संपर्क में था रमीज
रमीज ने लखनऊ पुलिस से पूछताछ के दौरान कहा कि उसके माता पिता का पूरे मसले से कोई लेना देना नहीं है. साथ ही PFI से अपने लिंक को भी गलत बताया है. आगरा मेडिकल कॉलेज और KGMU के दौरान कई मौलानाओं के रमीज संपर्क में था. पूछताछ में रमीज मौलानाओं से अपने संपर्क को जस्टिफाई नहीं कर पाया. रमीज ने अपने ऊपर लगे आरोपों को ख़ारिज किया है.
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