विज्ञापन
This Article is From Jul 31, 2017

अकूत दौलत वाले इस मंदिर में अर्पित किए गए 8.29 करोड़ रुपये अब हुए बेकार...

तिरुपति मंदिर में दान किए गए 8.29 करोड़ के पुराने नोट जमा कराने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

अकूत दौलत वाले इस मंदिर में अर्पित किए गए 8.29 करोड़ रुपये अब हुए बेकार...
सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति बालाजी मंदिर में रखे 8.29 करोड़ रुपये के प्रचलन से बाहर हुए नोटों को बदलवाने के लिए आई याचिका खारिज कर दी है.
  • याचिका में कहा गया- रुपये जमा नहीं हुए तो मनोकामना पूरी नहीं होंगी
  • प्रचलन से बाहर हुए 500-1000 के पुराने नोट अब बैंक में जमा नहीं हो पाएंगे
  • सर्वोच्च न्यायालय ने पत्रकार की याचिका को खारिज कर दिया
नई दिल्ली: देश के सबसे अमीर और दुनिया के दूसरे अमीर तिरुपति मंदिर में जमा हुए 500-1000 के पुराने नोट अब बैंकों में जमा नहीं हो पाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने दान के करीब 8.29 करोड़ रुपये के नोटों को जमा कराने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. इस मामले में दलील यह दी गई थी कि लोगों ने भगवान से अपनी मन्नत मांगने के तहत यह दान किया था अगर यह रुपये जमा नहीं हुए तो लोगों की मनोकामना पूरी नहीं होंगी.

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा है कि इस मामले में ऐसा ग्राउंड नहीं है जिसके चलते मामले में दखल दिया जाए इसलिए याचिका को खारिज किया जाता है.

यह भी पढ़ें - साल 2016 में तिरुपति बालाजी मंदिर को मिला 1,018 करोड़ रुपये का कैश चढ़ावा

दरअसल आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति ने पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में तिरुपति मंदिर के 8 करोड़ 29 लाख रुपये के बंद हो चुके नोटों को बदलने की याचिका दायर की थी. इसमें उसने केंद्र सरकार और आरबीआई को इस संदर्भ में निर्देश देने की मांग की.

यह भी पढ़ें - तिरुपति मंदिर के लिए भी 'मुसीबत' बनी नोटबंदी : चार करोड़ रुपये का चढ़ावा पुराने नोटों में

श्री तिरुमाला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर में 8 नवंबर 2016 को बंद कर दिए गए नोट श्रद्धालुओं द्वारा जमा कराए गए हैं. तिरुपति मंदिर दुनिया का दूसरा सबसे धनी मंदिर है. उसकी संपत्ति 50,000 करोड़ है और सालाना आय करीब 650 करोड़ रुपये है. तिरुपति बोर्ड नई दिल्ली, ऋषिकेश, गुवाहाटी, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कन्याकुमारी समेत कई शहरों और कस्बों में मंदिरों का संचालन करता है.

यह भी पढ़ें - इस मंदिर में जारी है पुराने नोटों के दान का सिलसिला, 11 दिनों में 1.7 करोड़ रूपये का दान

पेशे से पत्रकार वीवी रमनमूर्ति ने अपनी याचिका में कहा था कि मंदिर को दान की गई राशि को स्वीकार नहीं करना न केवल भेदभावपूर्ण है बल्कि इसका यह भी अर्थ है कि उनकी मनोकामनाएं अधूरी रहेंगी. साथ ही मंदिर की ओर से लोगों की भलाई के लिए जो काम किया जाता है, वह भी प्रभावित होगा. रमनमूर्ति की ओर से वकील श्रवण कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

VIDEO : पीएम मोदी ने की पूजा

याचिका में कहा गया है कि श्रद्धालुओं और भक्तों द्वारा भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को अर्पित किए गए पैसों को रिजर्व बैंक ने स्वीकार नहीं किया. इसके चलते यह धनराशि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के बक्सों में रखी है. बंद किए जा चुके 500 और 1000 के नोटों की यह धनराशि करीब 8.29 करोड़ है.
लेखक के बारे में
img
आशीष भार्गव
Senior Editor – Legal News
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court (SC), Tirupati Balaji Temple, Petition, Old Notes
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com