NEET पेपर लीक के बाद 21 जून यानी आज दोबारा नीट की परीक्षा हो रही है. 22 लाख से ज्यादा छात्र इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं, इसी बीच एक ऐसी छात्रा की कहानी सामने आई है, जिसने भीषण एक्सीडेंट के बाद भी हार नहीं मानी और नीट की परीक्षा दे रही है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद इस छात्रा की अपील को स्वीकार किया और उसके लिए एग्जाम सेंटर पर अलग कमरे की व्यवस्था की गई. एक्सीडेंट में 9 पसलियां टूटने के बाद भी सृष्टि दुबे ने परीक्षा देने का फैसला किया और इसमें प्रशासन ने भी उनका पूरा साथ दिया.
पिता ने लगाई थी मदद की गुहार
दरअसल मामला कोलकाता के ढाकुरिया सेंटर का है. यहां बिनोदिनी गर्ल्स हाई स्कूल में कुछ ऐसा नजारा दिखा, जिसने सभी को हैरान कर दिया. पिता शीशराम दुबे ने बताया कि 14 जून को एक गंभीर सड़क हादसे में उनकी बेटी की 9 पसलियां टूट गईं और फेफड़ों में भी गहरी चोट आई, इस एक्सीडेंट के बाद उसकी एक बड़ी सर्जरी हुई और वो कई दिनों तक वेंटिलेटर पर थी. अब वेंटिलेटर हटा दिया गया है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है.
इस दौरान जब सृष्टि ने पिता से कहा कि वो नीट परीक्षा देना चाहती है तो उन्होंने शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई. उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा कि "ILS हॉस्पिटल हमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और सभी जरूरी इंतजामों के साथ मेडिकल सपोर्ट देने के लिए तैयार है. मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया मेरी बेटी को परीक्षा में बैठने की इजाजत दें. आपकी बहुत कृपा होगी, अगर आप परीक्षा केंद्र को सूचित कर दें ताकि उसे ग्राउंड फ्लोर पर कुर्सी और मेज की व्यवस्था मिल सके. वह अस्पताल के कपड़ों में ही परीक्षा देगी. साथ ही, उसे मेडिकल उपकरणों के साथ परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए."
शिक्षा मंत्री ने लिया संज्ञान
छात्रा के पिता की इस अपील के बाद शिक्षा मंत्री ने मानवीय आधार पर संज्ञान लिया और परीक्षा केंद्र पर छात्रा के लिए अलग रूम की व्यवस्था की गई. इतना ही नहीं एग्जाम सेंटर के बाहर मेडिकल सपोर्ट और एंबुलेंस खड़ी है. अब बच्ची परीक्षा दे रही है, जिसके लिए उसके माता-पिता ने फोन पर शिक्षा मंत्री को धन्यवाद दिया.
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