- केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने वाले 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया.
- ओटीटी प्लेटफॉर्म सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत विनियमित हैं. प्रतिबंधित सामग्री प्रसारित नहीं कर सकते.
- केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड सिनेमाटोग्राफ अधिनियम 1952 के तहत फिल्मों के प्रमाणन का वैधानिक प्राधिकरण है.
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने बुधवार को संसद को बताया कि सरकार ने अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने वाले 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया है. सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म, कानून द्वारा प्रतिबंधित किसी भी सामग्री को प्रसारित नहीं करने के लिए बाध्य हैं.
एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में, मुरुगन ने कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) एक वैधानिक प्राधिकरण है, जिसकी स्थापना सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए सिनेमेटोग्राफिक फिल्मों का प्रमाणन करने के लिए की गई है.
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मंत्री ने कहा कि ओटीटी सामग्री सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग-तीन के प्रावधानों के तहत विनियमित हैं. उन्होंने कहा कि आचार संहिता के अनुसार, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कानून द्वारा प्रतिबंधित सामग्री प्रसारित करने से बचना चाहिए और नियमों में दिये गए दिशानिर्देशों के अनुसार, सामग्री का आयुवार वर्गीकरण करना चाहिए.
मुरुगन ने कहा कि इन नियमों में विषयवस्तु संबंधी मानदंडों के पालन को सुनिश्चित करने और जनता की शिकायतों के समाधान के लिए त्रिस्तरीय संस्थागत प्रणाली की रूपरेखा भी दी गई है, पहला, प्रसारणकर्ताओं द्वारा स्वनियमन; दूसरा, प्रसारणकर्ताओं के स्वनियमन निकायों द्वारा स्वनियमन; और तीसरा, केंद्र सरकार का निरीक्षण तंत्र.
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