
भारत और पाकिस्तान के बीच अगले सप्ताह प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द होने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए अमेरिका ने आज कहा कि अभी जो बात मायने रखती है वह यह है कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंध को सुधारने के लिए कदम उठाएं।
अमेरिकी विदेशी विभाग की उप-प्रवक्ता मैरी हर्फ ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत और पाकिस्तान के बीच नियोजित वार्ता रद्द हो गई। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, हम भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय संबंध के सभी पहलुओं में सुधार के लिए किए जाने वाले प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेंगे। और यही हमारा रुख है, जो हम दोनों देशों को स्पष्ट करते रहेंगे। भारत ने आज पाकिस्तान को यह कहते हुए विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी कि वह या तो भारत-पाक वार्ता को चुन ले या फिर अलगाववादियों से गलबहियां। यह वार्ता 25 अगस्त को इस्लामाबाद में होनी थी।
भारत ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित द्वारा अलगाववादी हुर्रियत नेताओं के साथ बातचीत को लेकर आपत्ति जताते हुए वार्ता रद्द कर दी। वार्ता रद्द किए जाने को पाकिस्तान ने दोनों देशों के लिए एक झटका करार दिया और कश्मीरी अलगाववादियों से विचार-विमर्श का बचाव करते हुए कहा कि लंबे समय से, द्विपक्षीय वार्ताओं से पहले ऐसी बैठकें करने का चलन रहा है।
हर्फ ने कहा कि कोई भी पक्ष यह कहे है कि वार्ता रद्द की गई, उसके मूल में गए बगैर अभी जो बात मायने रखती है वह यह है कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर अमेरिका की नीति नहीं बदली है।
हर्फ ने कहा, हमारा लगातार मानना है कि कश्मीर पर कोई भी बातचीत की गुंजाइश और उसकी प्रकृति पर भारत और पाक को ही विचार करना है। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है और हम इस पर कायम रहेंगे।
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