
देशभर में ऑनलाइन कक्षाओं के लिए फीस और स्कूल फीस बढ़ाने का मामला आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंचा लेकिन शीर्ष अदालत ने मामले में दखल देने से इंकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित हाईकोर्ट जाने के लिए कहा. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रत्येक राज्य में अलग-अलग समस्याएं हैं. आप पूरे देश की समस्याओं को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे तो हम पूरे राज्य की समस्या का हल कैसे निकालेंगे.
मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि हमें नहीं पता कि कौन सारे राज्यों की समस्या पर आदेश जारी करेगा. याचिकाकर्ता ने कहा कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्कूलों की ऑनलाइन कक्षाओं के लिए फीस लेने का आदेश दिया है. इसपर अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है.
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य की फीस बढ़ाने के मामले में सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है. लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूलों में फीस वसूली के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आठ राज्यों के पेरेंट्स एसोसिएशन ने अर्जी लगाई थी. याचिका में इस मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए नियमन और व्यवस्था बनाए जाने की गुहार लगाई गई थी.
याचिका में कहा गया कि ऑनलाइन क्लास के नाम पर स्कूल पूरी फीस वसूल रहे हैं, यह कतई अनुचित है. इतना ही नहीं, कई स्कूल तो ऑनलाइन क्लास के लिए अतिरिक्त शुल्क तक वसूल रहे हैं.
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