
स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की ज़ोरदार तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस भाषण के मसौदे की तैयारी के लिए चार मंत्रियों की एक समिति गठित की गई है, जिनका काम अलग−अलग मंत्रालयों से चर्चा कर भाषण के लिए जानकारियां जुटाना है।
इस समिति में मोदी कैबिनेट की युवा चेहरा एवं मानव संसाधन विकासमंत्री स्मृति ईरानी को जगह दी गई है। उनके अलावा इस समिति में कानूनमंत्री रविशंकर प्रसाद, रसायन और उर्वरक मंत्री अनंत कुमार और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल है। समिति की पहली बैठक आज दिल्ली में हुई।
पिछले साल पंद्रह अगस्त को गुजरात के भुज में बतौर मुख्यमंत्री भाषण नरेंद्र मोदी ने भाषण दिया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाषण के तुरंत बाद दिए मोदी के इस भाषण की खूब चर्चा हुई। इरादा था ये दिखाने का कि मौजूदा और भावी प्रधानमंत्रियों के भाषणों में कितना फर्क है।
इतना ही नहीं पिछले साल सितंबर में छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार के दौरान मोदी के मंच को लाल किले की शक्ल दी गई थी। पूरे 11 साल बाद बीजेपी का प्रधानमंत्री लाल किले से भाषण देने जा रहा है, जिसके लिए सरकार में जमकर तैयारियां हो रही हैं।
मोदी अपने भाषण में सरकार के अब तक के कामकाज, अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए किए गए फैसले और बजट की खूबियां गिना सकते हैं। हालांकि महंगाई रोकने के लिए उठाए गए कदम और जमीन पर इनके असर का भी जिक्र हो सकता है और कुछ बड़ी घोषणाओं की भी संभावनाएं हैं।
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