नई दिल्ली:
दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा एनडीए सरकार के दौरान वीएसएनएल के विनिवेश की जांच के आदेश के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और पूर्व दूरसंचार मंत्री अरुण शौरी का कहना है कि सिब्बल तथ्यों को तोड़-मड़ोरकर पेश कर रहे हैं। सिब्बल ने दूरसंचार सचिव आर चंद्रशेखर को भेजे नोट में कहा है, मेरी नजर में 2002 में वीएसएनएल का किया गया विनिवेश न्यायसंगत और पारदर्शी मालूम नहीं पड़ता है। जिस तरह से 2002 में वीएसएनएल के 773.13 एकड़ अधिशेष जमीन को अलग रखा गया और उसके बाद न केवल निवेशकों के हित को बल्कि सरकारी हित की अनदेखी हुई है। इस मामले की जांच के लिए दूरसंचार विभाग में अतिरिक्त सचिव एसआर राव की अगुवाई में जांच बिठाई गई है जो 31 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देगी। शौरी ने सिब्बल पर विकृत तथ्य पेश करने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले से भ्रष्टाचार में डूबी संप्रग सरकार अपनी मुसीबत और बढ़ा रही है। उन्होंने वीएसएनएल के विनिवेश में किसी प्रकार की गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह वीएसएनएल के विनिवेश से जुड़े किसी भी प्रकार के जांच के लिए तैयार हैं।