"PM मोदी, उद्धव ठाकरे के बीच अब भी मजबूत संबंध, लेकिन राजनीति अलग है": NDTV से बोले शिवसेना नेता संजय राउत

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, 'उन्होंने करीब 40 मिनट तक बातचीत की. इसको लेकर ये कयास नहीं लगाए जाने चाहिए कि सरकार बनाने के लिए भाजपा शिवसेना के साथ आएगी.'

मुंबई:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रधानमंत्री के साथ अभी भी मजबूत संबंध हैं, राजनीति एक अलग बात है. यह बात शिवसेना नेता संजय राउत ने कही. उन्होंने दिल्ली में पीएम मोदी और उद्धव ठाकरे की मुलाकात के हफ्तों बाद कही है. उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 8 जून को महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों को लेकर मुलाकात की थी.

इस मुलाकात के बाद लोग भाजपा और शिवसेना के वापस साथ आने के कयास लगाने लगे थे.

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, 'उन्होंने करीब 40 मिनट तक बातचीत की. इसको लेकर ये कयास नहीं लगाए जाने चाहिए कि सरकार बनाने के लिए भाजपा शिवसेना के साथ आएगी. हमारी रास्ते अलग अलग हैं. लेकिन ठाकरे परिवार और नरेंद्र मोदी के बीच अभी भी अच्छे संबंध हैं. राजनीति अलग बात है, लेकिन व्यक्तिगत संबंध मजबूत हैं.' उन्होंने कहा, 'शरद पवार को देखिए, यह महाराष्ट्र की परंपरा है. हम ऐसे लोग हैं जो रिश्तों को बरकरार रखते हैं.'

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अघाड़ी की सरकार पर उन्होंने कहा कि तीनों पार्टियों के विचार अलग हैं, लेकिन ये हमारा कमिटमेंट है कि सरकार पूरे पांच साल चलेगी. कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा था अकेले चुनाव लड़ेंगे. ठीक है. हमारा एक साथ चुनाव लड़ने का कमिटमेंट कभी नहीं था. हमारा कमिटमेंट सरकार चलाने का है. 3 साल के बाद देखा जाएगा कौन किसके बलबूते चुनाव लड़ेगा. सरकार चल रही है, सरकार चलेगी. चुनाव आने के बाद देखेंगे.

मराठा आरक्षण पर उन्होंने कहा, 'इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से कहा है कि केंद्र हस्तक्षेप करे. पीएम और उद्धव ठाकरे ने इस पर चर्चा की. उसमें राजनीति कहां है? बीजेपी अब अपोज़िशन है लेकिन कुछ नेताओं के साथ हमारे संबंध मधुर हैं. राजनीति अलग है, रिश्ते तो रहते हैं. ठाकरे परिवार और शरद पवार का रिश्ता हमेशा कायम रहा. हम रिश्ते रखने वाले लोग हैं.

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विपक्षी मोर्च पर उन्होंने कहा, 'कांग्रेस को छोड़कर विपक्षी मोर्चा सफल नहीं होगा. कांग्रेस आज कमज़ोर है लेकिन उन्हें साथ लेकर ही हमें आगे जाना होगा. जो मोर्चा है उन्हें ही मज़बूत करना पड़ेगा. मज़बूत विकल्प खड़ा करना पड़ेगा. नेतृत्व कौन करेगा जब ये बात आती है तो गड़बड़ हो जाती है. कांग्रेस के नेतृत्व से बात करनी चाहिए.

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