महाराष्ट्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि राज्य में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की एमवीए गठबंधन सरकार का गठन पांच साल के लिए हुआ है और यह कोई स्थायी गठजोड़ नहीं है. उनकी यह टिप्पणी मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के शनिवार के बयान के बाद आयी है जिसमें उन्होंने कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अकेले चुनाव लड़ने की बात करने वालों की जनता ‘चप्पल से पिटाई' करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा था कि सभी पार्टियों को अपनी महात्वाकांक्षाओं को परे रखकर अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए.
पटोले ने पत्रकारों से कहा कि ठाकरे के बयान में स्पष्टता नहीं है कि वह किसके बारे में बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां तक कि भाजपा भी अकेले चुनाव लड़ने की बात करती है. उन्होंने कहा कि चारों पार्टियां शिवसेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और भाजपा ने विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ा था.
-
रिजीम चेंज नहीं... शशि थरूर ने दी नई परिभाषा, चुनाव आयोग और सरकार को भी दी नसीहत -
NDTV World Summit 2026 : शशि थरूर ने बताया- कांग्रेस को लेफ्ट की जरूरत क्यों -
NDTV World Summit में शशि थरूर ने समझाया कूटनीति का असली मतलब -
चीन पर इतनी निर्भरता भारत के लिए ठीक नहीं- NDTV World Summit में बोले शशि थरूर -
NDTV World Summit 2026 | AI से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक, भारत की रिसर्च को कैसे मिलेगी नई उड़ान? -
दिल्ली एयरपोर्ट से होती है दुनिया में सबसे ज्यादा Uber बुकिंग, NDTV ग्लोबल समिट में डोमिनिक टेलर ने खोले राज -
Gen-Z को कैसे समझाएं? BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी ने बताया तरीका -
NDTV World Summit: हिंदू धर्म को क्यों किया जाता है टारगेट? BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी का जवाब -
AI ने बनाया प्लान और इंसान ने दबाया हमले का बटन, ईरानी स्कूल में 156 मौतों पर पूर्व CIA चीफ ने कही ये बात -
इस साल के अंत तक भारत आ सकते हैं नेपाली पीएम बालेन शाह, नेपाल के वित्तमंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले ने दी जानकारी
उकसावे का करारा जवाब देते हैं शिवसेना के कार्यकर्ता : उद्धव ठाकरे
पटोले ने कहा, ‘हमने 2019 में पांच साल के लिए महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार का गठन भाजपा को रोकने के लिए किया था. यह कोई स्थायी गठजोड़ नहीं है. हर पार्टी को अपने संगठन को मजबूत करने का अधिकार है और कांग्रेस ने कई जगहों पर कोविड-19 प्रभावित लोगों को खून, ऑक्सीजन और प्लाज्मा उपलब्ध कराकर हमेशा राहत मुहैया कराने को प्राथमिकता दी है.' पटोले ने कहा कि ठाकरे ने उक्त टिप्पणी शिवसेना के 55वें स्थापना दिवस पर पार्टी अध्यक्ष के तौर पर दी थी न कि मुख्यमंत्री के तौर पर दी.
शिवसेना और कांग्रेस दशकों से धुर विरोधी दल रहे हैं लेकिन 2019 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के भाजपा से अलग होने के बाद दोनों दलों ने राकांपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनायी. बहरहाल शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ने महराष्ट्र के गौरव और पार्टी की मजबूती के लिए हमेशा सभी लड़ाइयां अकेले दम पर ही लड़ी हैं.
जल बंटवारे के विवाद पर कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच समझौता
उन्होंने कहा, ‘शिवसेना का आगे का रास्ता साफ है. बाकी नेता असमंजस की स्थिति से बाहर निकलें क्योंकि किसी पार्टी का एक नेता अकेले लड़ने की बात करता है तो उसी पार्टी का दूसरा नेता कहता है कि यह हमारी पार्टी का रुख नहीं है.'
राउत कांग्रेस नेता एच के पाटिल के बयान की ओर इशारा कर रहे थे जिन्होंने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य कांग्रेस को पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए और चुनाव अकेले लड़ने के बारे में फैसला आला कमान को करना है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं