
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोमवार को एक ऑनलाइन बैठक की. उन्होंने पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली में सुधार के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग पर जोर दिया. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी देते हुए बताया कि देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून और बाढ़ की वर्तमान स्थिति से निपटने के वास्ते तैयारियों की समीक्षा के लिए असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल बैठक में शामिल हुए.
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पीएमओ ने एक बयान में बताया कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने बाढ़ के पूर्वानुमान के लिए एक स्थायी प्रणाली के वास्ते सभी केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अड़मान निकोबार द्वीपसमूह को देश की मुख्य भूमि के साथ तीव्र गति के आप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ने की परियोजना का उद्घाटन करते हुये देश में जलमार्गों और बंदरगाहों के नेटवर्क को मजबूत और व्यापक बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज भारत खुद को वैश्विक विनिर्माण, वैश्विक आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला के बड़े केन्द्र के रूप में स्थापित करने में जुटा है.
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प्रधानमंत्री ने अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के साथ बेहतर संचार सुविधा स्थापित करने के लिये चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर के बीच समुद्र के भीतर बिछाये गये आप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) का उद्घाटन करने के मौके पर यह बात कही. यह परियोजना 1,224 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई है. प्रधानमंत्री मोदी ने ही 30 दिसंबर 2018 को परियाजना का शिलान्यास किया था.
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