New Delhi:
भाजपा ने शुक्रवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी को बहाना बनाकर कांग्रेस के जन्मजात वंशानुगत शासन का अधिकार मानने वालों को निशाना बनाया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आडवाणी का नाम जरूर लिया लेकिन उनका निशाना कोई और था। गांधी परिवार और 10 जनपथ का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, मुझे ऐसा लगा कि वह सुना किसी को रहे थे और नाम किसी और का ले रहे थे। उन्होंने कहा कि आडवाणी या भाजपा में कोई जन्मजात शासन के अधिकार को नहीं मानता है और जन्मजात या वंशानुगत शासन के सिद्धांत को कौन मानता है यह बात किसी से नहीं छिपी है। यह पूछे जाने पर कि जन्मजात वंशानुगत शासन का अधिकार मानने वालों से उनका आशय किससे है, भाजपा नेता ने कहा, आप इसका अनुमान लगाने में सक्षम हैं। गौरतलब है कि विश्वासमत प्राप्त करने के लिए सांसदों की कथित खरीद फरोख्त संबंधी विकिलीक्स खुलासे पर लोकसभा में चर्चा के जवाब के दौरान प्रधानमंत्री ने आडवाणी को निशाना बनाते हुए कहा था, आडवाणी जी का मानना है कि प्रधानमंत्री बनना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। उन्होंने मुझे इस बात के लिए कभी माफ नहीं किया कि मैं प्रधानमंत्री हूं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा था, आडवाणी जी, स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से हुए चुनावों में देश की जनता ने हमें जनादेश दिया है। अब आप साढ़े तीन साल और इंतजार कीजिए।