पूर्वी उत्तर प्रदेश में आयकर देने वालों की संख्या में करीब छह गुना हुई वृद्धि : निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष कराधान के 31 मार्च, 2021 को पूर्वी उत्तर प्रदेश में रिटर्न फाइल करने वालों की कुल संख्या 21.83 लाख हो गई है जबकि 2016 में 3.80 लाख आयकर दाताओं ने रिटर्न दाखिल किया था यानि इसमें यह छह गुना वृद्धि हुई है.

पूर्वी उत्तर प्रदेश में आयकर देने वालों की संख्या में करीब छह गुना हुई वृद्धि : निर्मला सीतारमण

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के कार्यों की सराहना की

लखनऊ:

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में कर वसूली और उसके प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश जोन में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में करीब छह गुना वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि आय में वृद्धि हो रही है और इससे आयकर देने वालों की संख्या बढ़ रही है, टैक्स से प्राप्त इस राशि का उपयोग विकास कार्यों में किया जा रहा है. केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष कराधान के 31 मार्च, 2021 को पूर्वी उत्तर प्रदेश में रिटर्न फाइल करने वालों की कुल संख्या 21.83 लाख हो गई है जबकि 2016 में 3.80 लाख आयकर दाताओं ने रिटर्न दाखिल किया था यानि इसमें यह छह गुना वृद्धि हुई है.

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लखनऊ में राम तीर्थ मार्ग पर स्थित आयकर विभाग के नवनिर्मित कार्यालय ''प्रत्यक्ष कर भवन'' का उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के साथ लोकार्पण करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने राज्य में केंद्र सरकार द्वारा जनता के हितों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की चर्चा की.

उन्होंने कहा कि आय बढ़ रही है, आयकर देने वालों की संख्या बढ़ रही है जिसका उपयोग विकास को दिशा देने में हो रहा है. वित्तमंत्री ने कहा कि जब एक राज्य से कर की वसूली होती है तो उसका असर तुरंत जनता में देखने को मिलता है.

सीतारमण ने कहा कि मुझे दुख होता है कि अगर 10-15 साल पहले इतना बेहतर भवन मिल जाता तो काम करने में लोगों को आसानी होती और उसका बेहतर प्रभाव होता. प्रत्यक्ष कर भवन के निर्माण के बारे में उन्होंने कहा यद्यपि इसके लिए भूमि 2002 में ली गई थी लेकिन निर्माण शुरू करने की पहल 2017 में की गई थी और यह तीन साल में पूरा हो गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 15 साल का कोई हिसाब है जब हमारे पास जमीन थी लेकिन इमारत बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई. उन्होंने कहा कि इस इमारत की कहानी ही बताती है कि हम अपने संसाधनों का उपयोग कैसे करते हैं. सीतारमण ने कहा कि उन्हें यह कहते हुए खुशी हो रही है कि सुस्ती की जो मानसिकता बन गई थी, वह टूट गई है.

आयकर से देश प्रदेश में होने वाले बदलाव की चर्चा करते हुए सीतारमण ने प्रधानमंत्री की हर घर जल योजना से लेकर, मुफ्त इलाज, मुफ्त अनाज, वृद्धावस्था, विधवा और विकलांग पेंशन आदि योजनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार द्वारा जन कल्‍याण की चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला और यह बताया कि जनता को आयकर से मिलने वाले धन का कितना लाभ मिलता है.उन्होंने कहा, ‘‘ ये परियोजनाएं तब तक संभव नहीं हैं जब तक कर संग्रह में सुधार नहीं होता है.'' उन्होंने कहा कि राज्यों को कर हस्तांतरण के हिस्से के रूप में केंद्र ने मार्च की किस्त का अग्रिम भुगतान किया ताकि बुनियादी ढांचे पर उनके खर्च में कोई बाधा न हो. उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचा के क्षेत्र में चल रहे कार्यों में कोई रुकावट न हो इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है.

सीतारमण ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के कार्यों की सराहना की. उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वित्त मंत्री का हमेशा मार्गदर्शन मिलता है. जब वह रक्षामंत्री थीं, तो राज्य में डिफेंस कॉरिडोर की शुरुआत हुई. योगी ने ‘डिफेंस कॉरिडोर' की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद विकास की दौड़ में पूर्वांचल और बुंदेलखंड पिछड़ गये थे, लेकिन सरकार इन दोनों क्षेत्रों को एक्सप्रेसवे के माध्‍यम से गति दे रही है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो गया है और बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का उद्घाटन होने वाला है.

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उत्तर प्रदेश के विकास के लिए वित्त मंत्री के सकारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए योगी ने कहा कि देश में आय का सबसे बड़ा माध्यम आयकर है, लेकिन उत्तर प्रदेश में इसे जीएसटी से जोड़कर देखते हैं और राज्य ने इसमें बड़ा योगदान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने ‘इंफोर्समेंट' का कम, संवाद का सहारा ज्यादा लिया. योगी ने कहा कि एक सामान्‍य उद्यमी कर देना चाहता है लेकिन इंस्पेक्टर राज और जटिल प्रक्रिया से इतना भयभीत होता है कि वहां जाना नहीं चाहता है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश नहीं होते थे क्योंकि उद्यमियों को स्वयं की सुरक्षा के साथ ही पूंजी की सुरक्षा का खतरा महसूस होता था, लेकिन आज यहां की कानून व्यवस्था एक नजीर है और इस राज्य ने केंद्र के सभी सुधारों के साथ अपने को जोड़ा है व आज यह राज्‍य कारोबार सुगमता में दूसरे स्थान पर है.


केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा प्रत्यक्ष कर भवन के बन जाने से कार्य में सुगमता आएगी और आर्थिक बचत भी होगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश जिस गति से बढ़ रहा है उससे उम्मीद बढ़ी है. राज्य में कानून व्यवस्था दुरुस्त हुई और निवेश हो रहा है. चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश राजस्व संकलन में थोड़ा पीछे है लेकिन आने वाले समय में राज्य का स्थान देश के करदाताओं की सूची में प्रमुखता से शामिल होगा. कार्यक्रम को राजस्‍व सचिव तरुण बजाज समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया. इस मौके पर राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना और कानून मंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई महत्‍वपूर्ण लोग उपस्थित थे. निर्मला सीतारमण ने आज लखनऊ में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित करने के लिए अलंकरण समारोह में भी मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)