नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी बनाम शुभेन्दु अधिकारी की जंग को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में मीनाक्षी

संयुक्त मोर्चा प्रत्याशी मीनाक्षी मुखर्जी को पैदल ही 17 पंचायतों में अपने मतदाताओं से मिलते आप उन्हें नंदीग्राम में देख सकते हैं या फिर खुले ऑटो में घूमते देखा जा सकता है

नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी बनाम शुभेन्दु अधिकारी की जंग को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में मीनाक्षी

कोलकाता:

West Bengal Assembly Election 2021 :पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में जमकर वोटिंग होने के बाद अब दूसरे चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं. दूसरे चरण में सबसे ज्यादा दिलचस्प नंदीग्राम सीट पर है. यहां से टीएमसी सुप्रीमो और राज्य की सीएम ममता बनर्जी और उनके मुकाबले में बीजेपी से शुभेंदु अधिकारी मैदान में हैं. वहीं संयुक्त मोर्चे से चुनौती दे रही हैं युवा मीनाक्षी मुखर्जी. मीनाक्षी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं.

पैदल ही 17 पंचायतों में अपने मतदाताओं से मिलते आप उन्हें नंदीग्राम में देख सकते हैं या फिर खुले ऑटो में घूमते. ऐसे में हेलिकॉप्टर या गाड़ियों की लाइन में अपनी चुनौती पर वो कहती हैं कि धनबल के सामने जनबल को जीतना चाहिए. धनबल के सामने अगर जनबल को जीतना है तो बेरोजगारों को रोजगार देना होगा, महिला को सम्मान, किसानों को फसलों का, श्रमिकों के पसीने का दाम देना होगा. नंदीग्राम यही चाहता है.


धनबल के सामने जनबल को जीतना चाहिये, ऐसा हो नहीं रहा है इसलिये भारत की जीडीपी माइनस 23 फीसद है.ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच उनकी चुनौती के सवाल पर मीनाक्षी कहती हैं ममता बनर्जी के खिलाफ शुभेंद को क्यों देख रहे हैं, 17 पंचायत में लोगों को घर नहीं मिला है. एक तरफ जनता है दूसरी तरफ जनता को लूटने वाले ए टीम और बी टीम है ...10 साल जिन्होंने ममता का हथकंडा इस्तेमाल करके लूटा है वही आज बीजेपी में हैं और ममता बीजेपी के नेताओं को फोन करके बोल रही हैं कि मुझे वोट दो.अपनी जीत को लेकर वो कितनी आश्वस्त हैं.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


 इस सवाल के जवाब में मीनाक्षी ने कहा ऐसा जरूर होगा अगर चुनाव आयोग और पुलिस फोर्स अपने दायित्व का निर्वहन अच्छे से करे तो नंदीग्राम में बीजेपी और तृणमूल को वोट नहीं मिलेगा.किसी वक्त पर नंदीग्राम में वाम मोर्चे का वर्चस्व था लेकिन 2011 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने ये सीट उससे छीन ली थी। 2016 के चुनाव में भी टीएमसी के टिकट पर शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की थी.