5 चुनावी राज्‍यों में वैक्‍सीनेशन और टेस्‍ट‍िंग की रफ्तार बढ़ाई जाए, हाईलेवल मीटिंग में केंद्र का निर्देश

चुनावी राज्यों में रैलियों में उमड़ रही भीड़ को लेक चिंता और चुनाव टालने की मांग के बीच केंद्र ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक की. केंद्र ने हाईलेवल मीटिंग के बाद पांच चुनावी राज्‍यों में वैक्‍सीनेशन और टेस्‍ट‍िंग की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश दिया है. 

5 चुनावी राज्‍यों में वैक्‍सीनेशन और टेस्‍ट‍िंग की रफ्तार बढ़ाई जाए, हाईलेवल मीटिंग में केंद्र का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रैलियों में बढ़ती भीड़ के बाद चुनाव टालने का अनुरोध किया था

नई दिल्ली:

यूपी, उत्तराखंड, पंजाब जैसे चुनाव वाले राज्यों (Election States) में रैलियों में उमड़ रही भीड़ को लेकर जताई रही चिंता और चुनाव टालने की मांग के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक की. केंद्र ने हाईलेवल मीटिंग के बाद पांच चुनावी राज्‍यों में वैक्‍सीनेशन (Covid vaccination) और टेस्‍ट‍िंग (Corona Testing) की रफ्तार बढ़ाने का निर्देश दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने रविवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें अगले साल के प्रारंभ में चुनाव कराने को तैयार राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब के अधिकारी भी शामिल हुए. इस बैठक में कोविड-19 की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी, प्रबंधन के तौर-तरीकों को लेकर चर्चा की गई. इन राज्यों में वैक्सीनेशन की स्थिति का भी जायजा लिया गया. 

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केंद्र ने समीक्षा बैठक में पाया कि चुनावों वाले पांच राज्यों में से तीन राज्यों ने राष्ट्रीय औसत से कम वैक्सीनेशन किया है, जबकि दो का प्रदर्शन अच्छा रहा है. केंद्र सरकार ने पाया कि उत्तराखंड और गोवा ने राष्ट्रीय औसत से ज्यादा वैक्सीनेशन किया है. जबकि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), पंजाब (Punjab) और मणिपुर (Manipur) ने राष्ट्रीय औसत से कम टीकाकरण किया है. केंद्र सरकार ने चुनाव वाले इन 5 राज्यों को कहा है कि वो वैक्सीनेशन कवरेज में तेजी लाएं. ये राज्य जिला स्तर पर वीकली प्लान तैयार करें और रोजाना इसकी समीक्षा करें. राज्य कोविड अप्रोप्रियेट बिहैवियर को सख्ती से लागू कराएं.

इससे पहले सोमवार सुबह चुनाव आयोग ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के साथ उन राज्यों की कोरोना के हालात की समीक्षा की थी, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. सूत्रों ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने देश में, विशेष तौर पर उत्तराखंड (Uttarakhand) , मणिपुर, गोवा(Goa) , पंजाब और उत्तर प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर लगभग एक घंटे तक निर्वाचन आयोग को जानकारी दी . कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के फैलाव के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से मिले आंकड़ों के आधार पर स्थिति का आकलन किया.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि चुनावी राज्यों को कोविड वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने पर जोर देने को कहा है. खासकर सभी पात्र आबादी को पहली डोज देने का कार्यक्रम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है. जिन लोगों की दूसरी खुराक नहीं लगी है, उन्हें भी जल्द ही पूर्ण वैक्सीनेटेड किया जाए. कोरोना की रोकथाम के लिए आरटीपीसीआर और अन्य तरह की टेस्टिंग भी बढ़ाने को कहा गया है. 

कोरोना (Covid 19 Cases) के मामलों के मद्देनजर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और पीएम मोदी से यूपी में चुनाव टालने (Elections) और रैलियों (Rallies) पर तुरंत प्रतिबंध लगाने का का आग्रह किया है. हाईकोर्ट के जज ने अनुरोध करते हुए कहा है कि जान है तो जहान है. रैलियों को नहीं रोका गया तो नतीजे दूसरी लहर से भी बदतर होंगे. यूपी चुनाव एक से दो महीने टाले जाएं. चुनावी रैलियों पर तुरंत पाबंदी लगे. कोर्ट ने एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आग्रह किया है.

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