अदनान सामी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
प्रसिद्ध पाकिस्तानी गायक अदनान सामी को भारत में अनिश्चित अवधि तक रहने की मंजूरी दे दी गई है। मानवीय आधार पर भारत में उनके प्रवास को कानूनी रूप देने की सामी की अपील के बाद ऐसा किया गया।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने मंगलवार को लोकसभा में इस बात की जानकारी दी कि सामी को विदेशी अधिनियम की धारा तीन के तहत निर्वासन संबंधी कार्यवाहियों से छूट दी गई है।
46 साल के सामी ने मानवीय आधार पर भारत में रहने का अनुरोध करते हुए 26 मई, 2015 को गृह मंत्रालय को एक आवेदन सौंपा था। गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान के नागरिक सामी के आवेदन पर सावधानीपूर्वक विचार किया।
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा, 'इसलिए अब विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 3ए के तहत दिए गए अधिकारों के तहत, केंद्र सरकार यह मानते हुए कि जनहित में ऐसा करना आवश्यक है, विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 3 की उप-धारा (2) के उपनियम (सी) और (ई) के प्रावधानों और विदेशी आदेश, 1948 का परिच्छेद 11 उक्त अदनान सामी खान, पुत्र दिवंगत अरशद सामी खान के उपर लागू नहीं होगा और उन्हें निवार्सन की कार्यवाहियों से छूट दी जाती है। मामले पर अगला आदेश जारी होने तक यह आदेश वैध बना रहेगा।'
पाकिस्तान के लाहौर शहर में जन्मे सामी सबसे पहले एक साल की वैधता वाले यात्री वीजा पर 13 मार्च, 2001 को भारत आए थे, जो उन्हें इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने जारी किया था।
उनके वीजा की अवधि समय-समय पर बढ़ायी जाती रही। 27 मई, 2010 को जारी किए गए उनके पाकिस्तानी वीजा की अवधि 26 मई, 2015 को समाप्त हो गई और पाकिस्तान सरकार ने उनके पासपोर्ट का नवीकरण नहीं किया, जिसके बाद उन्हें मजबूरन मानवीय आधार पर भारत में अपने प्रवास को कानूनी रूप देने के लिए अनुरोध के साथ भारत सरकार से संपर्क करना पड़ा।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने मंगलवार को लोकसभा में इस बात की जानकारी दी कि सामी को विदेशी अधिनियम की धारा तीन के तहत निर्वासन संबंधी कार्यवाहियों से छूट दी गई है।
46 साल के सामी ने मानवीय आधार पर भारत में रहने का अनुरोध करते हुए 26 मई, 2015 को गृह मंत्रालय को एक आवेदन सौंपा था। गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान के नागरिक सामी के आवेदन पर सावधानीपूर्वक विचार किया।
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा, 'इसलिए अब विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 3ए के तहत दिए गए अधिकारों के तहत, केंद्र सरकार यह मानते हुए कि जनहित में ऐसा करना आवश्यक है, विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 3 की उप-धारा (2) के उपनियम (सी) और (ई) के प्रावधानों और विदेशी आदेश, 1948 का परिच्छेद 11 उक्त अदनान सामी खान, पुत्र दिवंगत अरशद सामी खान के उपर लागू नहीं होगा और उन्हें निवार्सन की कार्यवाहियों से छूट दी जाती है। मामले पर अगला आदेश जारी होने तक यह आदेश वैध बना रहेगा।'
पाकिस्तान के लाहौर शहर में जन्मे सामी सबसे पहले एक साल की वैधता वाले यात्री वीजा पर 13 मार्च, 2001 को भारत आए थे, जो उन्हें इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने जारी किया था।
उनके वीजा की अवधि समय-समय पर बढ़ायी जाती रही। 27 मई, 2010 को जारी किए गए उनके पाकिस्तानी वीजा की अवधि 26 मई, 2015 को समाप्त हो गई और पाकिस्तान सरकार ने उनके पासपोर्ट का नवीकरण नहीं किया, जिसके बाद उन्हें मजबूरन मानवीय आधार पर भारत में अपने प्रवास को कानूनी रूप देने के लिए अनुरोध के साथ भारत सरकार से संपर्क करना पड़ा।
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