केरल में कोरोना का जबरदस्त कहर, 22,056 नए मामले सामने आए, 131 लोगों की हुई मौत

देश में कोरोना के मामले एक बार फिर से पांव पसारने लगा है. पिछले 20 दिनों में बुधवार को सबसे ज्यादा मामले सामने आए. 50% केरल से और 30% मामले महाराष्ट्र और उत्तर पूर्व के राज्यों से हैं. दूसरी लहर के दौरान 4 लाख से गिरकर रोजाना 1 लाख मामलों के आंकड़े आने में 37 दिन लगे पर, अब 51 दिनों से रोज़ाना मामलों के आंकड़े 40 हजार के आसपास थम से गए हैं.

केरल में कोरोना का जबरदस्त कहर, 22,056 नए मामले सामने आए, 131 लोगों की हुई मौत

केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों ने देशभर में चिंंता बढ़ा दी है

नई दिल्ली:

केरल में बुधवार को कोविड-19 के 22,056 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 33,27,301 हो गई, जबकि 131 और लोगों की मौत होने के साथ वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,457 हो गई. राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 17,761 लोग संक्रमण से ठीक हुए, जिससे अब तक कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 31,60,804 हो गई है. राज्य में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,49,534 हो गई है.

पिछले 24 घंटों में, 1,96,902 नमूनों की जांच की गई और संक्रमण दर 11.2 प्रतिशत दर्ज की गई. राज्यभर में अब तक, 2,67,33,694 नमूनों की जांच हो चुकी है. राज्य में सबसे अधिक प्रभावित जिलों में मलप्पुरम में 3931, त्रिशूर में 3005, कोझिकोड में 2400, एर्नाकुलम में 2397, पलक्कड़ में 1649, कोल्लम में 1462, अलाप्पुझा में 1461, कन्नूर में 1179, तिरुवनंतपुरम में 1101 और कोट्टायम में 1067 मामले आए हैं.  विज्ञप्ति में कहा गया कि नए मामलों में 100 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं. राज्य के विभिन्न जिलों में फिलहाल 4,46,211 लोग निगरानी में हैं.


बता दें कि देश में कोरोना के मामले एक बार फिर से पांव पसारने लगा है. पिछले 20 दिनों में बुधवार को सबसे ज्यादा मामले सामने आए. 50% केरल से और 30% मामले महाराष्ट्र और उत्तर पूर्व के राज्यों से हैं. दूसरी लहर के दौरान 4 लाख से गिरकर रोजाना 1 लाख मामलों के आंकड़े आने में 37 दिन लगे पर, अब 51 दिनों से रोज़ाना मामलों के आंकड़े 40 हजार के आसपास थम से गए हैं. आखिर क्या वजह है कि मामलों की रफ्तार घट नहीं रही? बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर बरकरार है. केरल, महाराष्ट्र और उत्तर पूर्व के राज्य सबसे ज्यादा चिंता का सबब बने हुए हैं. दूसरी लहर के दौरान जिस तरह शुरुआती दिनों में मामले गिरते नज़र आए वो रफ्तार अब थम सी गई है.

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आईएमए के सेक्रेटरी जनरल ने कहा कि सोशल गैदरिंग्स का काफी असर होता है. जैसे उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा बंद कर दिया गया था और ईद के बारे में हमने गवर्नमेंट को पाबंदी लगाने की चेतावनी दी थी, लेकिन स्टेट ने अपना डिसीजन ले लिया था. ये एक तरह की चेतावनी है. तीसरी लहर की आने की आशंका है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)