
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को मामले की सुनवाई होगी.
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करणी सेना और श्रत्रिय महासंघ ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
याचिका में फिल्म पद्मावत पर बैन लगाने की मांग
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई
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याचिका में कहा गया है कि पद्मावत में शुरुवाती संवाद बदले गए न की चरित्र. याचिका में कहा गया कि इस फिल्म में इतिहास को तोड़मरोड़ कर असामाजिक तत्वों को बढ़ावा देकर समुदायों के बीच विवाद पैदा कर समाज के सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की गई है. निर्माता यह जानते हैं कि फिल्म की रिलीज से भावनाए भड़केंगी और संपत्तियों को नुकसान पहुंचेगा.
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सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि 'राइट टू एक्सप्रेसन' की आड़ में इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती और न ही ऐसा साहित्य बनाया जा सकता है जो सही नहीं है. तीन इतिहासकारों ने जिन्होंने इस फिल्म को देखा है वह भी इसके खिलाफ हैं. गुजरात के मल्टीप्लेस के मालिकों ने फिल्म को रिलीज न करने का फैसला किया है. वहीं, देशभर में इस फिल्म के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं. गाड़ियों में आग लगाई जा रही है. मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी.
VIDEO : क्यों हो रहा है फिल्म 'पद्मावत' का विरोध?
गौरतलब है कि फिल्म 'पद्मावत' पर बैन लगाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी है. दोनों राज्य सरकारों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से अपने पिछले आदेश पर पुनर्विचार की गुजारिश की है. दोनों राज्यों की ओर से दी गई पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को ही सुनवाई करेगा. दोनों राज्यों की मांग है कि इस फिल्म को रिलीज करने के फैसले पर तुरंत रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे कानून व्यवस्था भंग हो सकती है.