
जेएनयू में छात्रों का प्रदर्शन (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
जेएनयू में गतिरोध और बढ़ गया है। जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन ने पुलिस को भीतर आने की इजाजत नहीं देने की बात कही है। साथ ही जांच समिति में एक महिला होनी चाहिए।
छात्रों का वीसी पर यह दबाव है कि उनके खिलाफ आरोप हटाए जाएं क्योंकि ये निराधार हैं। इन लोगों का कहना है कि राष्ट्रविरोधी नारेबाजी में वे लोग शामिल नहीं थे। अब इन आरोपी छात्रों का दावा है कि वे नारेबाजी के खिलाफ भीड़ को समझाने के लिए गए थे।
जेएनयू के लीगल की राय है कि कोर्ट के दिशा-निर्देश को गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। करीब 10 दिन पहले वीसी ने पुलिस को आने की अनुमति दी थी और कहा था कि अनुमति देना जरूरी था। वहीं अब पिछले 24 घंटों से आरोपी छात्र जेएनयू कैंपस में घूम रहे हैं लेकिन अब वह यह अनुमति नहीं दे रहे हैं। अब वीसी संभलकर चल रहे हैं।
छात्रों का वीसी पर यह दबाव है कि उनके खिलाफ आरोप हटाए जाएं क्योंकि ये निराधार हैं। इन लोगों का कहना है कि राष्ट्रविरोधी नारेबाजी में वे लोग शामिल नहीं थे। अब इन आरोपी छात्रों का दावा है कि वे नारेबाजी के खिलाफ भीड़ को समझाने के लिए गए थे।
जेएनयू के लीगल की राय है कि कोर्ट के दिशा-निर्देश को गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। करीब 10 दिन पहले वीसी ने पुलिस को आने की अनुमति दी थी और कहा था कि अनुमति देना जरूरी था। वहीं अब पिछले 24 घंटों से आरोपी छात्र जेएनयू कैंपस में घूम रहे हैं लेकिन अब वह यह अनुमति नहीं दे रहे हैं। अब वीसी संभलकर चल रहे हैं।