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This Article is From Mar 19, 2011

कश्मीर सम्मेलन : गिलानी, अब्दुल्ला आपस में उलझे

नई दिल्ली: फारुक अब्दुल्ला और सैयद अली शाह गिलानी सार्वजनिक तौर पर आपस में उलझ गए। कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक ने अलगाववादी नेता से कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में अपने हिंसा के आंदोलन को खत्म करें और देश से अलग होने की बात को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। गिलानी पर जम्मू-कश्मीर में हिंसक अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए फारुक ने राज्य में 1947 से पूर्व की स्थिति बहाल करने या जनमत संग्रह कराने की संभावना से इनकार कर दिया। इन दोनों मांगों पर गिलानी ने जोर दिया था। इंडिया टुडे द्वारा आयोजित सम्मेलन कश्मीर का भविष्य में हुर्रियत कांफ्रेंस के चरमपंथी धड़े के अध्यक्ष गिलानी ने फलस्तीनी नेता यासिर अराफात से सबक लेने को कहा। गिलानी के अनुसार अराफात ने शांति के व्यापक लक्ष्य के लिए हिंसक संघर्ष शुरू किया। अब्दुल्ला की सम्मेलन के मंच पर मौजूदगी के कारण अंचभित गिलानी संचालक से धीमी आवाज में यह कहते हुए सुने गए कि वक्ताओं की सूची में केन्द्रीय मंत्री का नाम शामिल होने के बारे में उन्हें पहले से क्यों नहीं बताया गया। मंच पर अब्दुल्ला भाजपा नेता यशवन्त सिन्हा के स्थान पर बैठे थे और उन्होंने गिलानी को धैर्यपूर्वक सुना। सिन्हा सम्मेलन में नहीं आ पाए।

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