विज्ञापन
This Article is From Jul 21, 2020

चीन के साथ तनातनी के बीच नौसेना MiG-29K लड़ाकू विमानों को नॉर्थ एयरबेस पर कर सकती है तैनात: रिपोर्ट

चीन के साथ सीमा विवाद के बीच 'मिग-29के' लड़ाकू विमानों (MiG-29K Jets) को उत्तरी सेक्टर के एयरफोर्स बेस पर तैनात किये जाने की भी संभावना है.

चीन के साथ तनातनी के बीच नौसेना MiG-29K लड़ाकू विमानों को नॉर्थ एयरबेस पर कर सकती है तैनात: रिपोर्ट
वर्तमान में नौसेना के पास लगभग 40 मिग-29 K जेट का बेड़ा है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

चीन के साथ तनातनी के बीच भारतीय नौसेना के पोसाइडन 8-आई पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान (P-8I Aircraft) को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर निगरानी के लिए पूर्वी लद्दाख में तैनात किया गया है. वहीं, चीन के साथ सीमा विवाद के बीच उसके कुछ 'मिग-29के' लड़ाकू विमानों (MiG-29K Jets) को उत्तरी सेक्टर के एयरफोर्स बेस पर तैनात किये जाने की भी संभावना है. सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि सेना के शीर्ष अधिकारी भारतीय नौसेना के मिग-29के लड़ाकू विमानों को राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना के तीनों अंगों में समन्वय बनाने की कोशिश के तहत उत्तरी क्षेत्र के कुछ वायुसेना अड्डों पर नौत करने पर विचार कर रहे हैं.

वायुसेना के कमांडर लद्दाख में राफेल लड़ाकू विमानों को तैनात करने पर अगले सप्ताह चर्चा करेंगे

उन्होंने बताया कि नौसेना के लड़ाकू विमान शत्रु के इलाके में अंदर तक जाकर हमले करने की वायुसेना की कोशिशों और हवाई वर्चस्व क्षमताओं में सहायक होंगे. अभी नौसेना के करीब 40 मिग-29के विमानों का एक बेड़ा है, और उनमें से कम से कम 18 देश के विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात हैं. वायुसेना ने सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर और मिराज 2000 जैसे अग्रिम मोर्चे के लगभग अपने सभी तरह के लड़ाकू विामनों को पूर्वी लद्दाख में और एलएसी के आसपास अन्य स्थानों पर तैनात किए हैं. चीन के साथ सीमा विवाद बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया. हालांकि, पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले कई स्थानों से दोनों देशों के अपने सैनिकों को पूर्ण रूप से हटाने के लिए दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक एवं सैन्य बातचीत जारी है.

लद्दाख के फिंगर एरिया से पूरी तरह हटने को तैयार नहीं चीन, भारत ने कहा- 2020 की यथास्थिति से कम मंजूर नहीं : सूत्र

वायुसेना के विमान पिछले कुछ हफ्तों से पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में रात के समय में गश्त कर रहे हैं. पर्वतीय क्षेत्र में किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए वह अपनी तैयारी के तहत ऐसा कर रही है. अगस्त के दूसरे पखवाड़े तक वायुसेना लद्दाख क्षेत्र में राफेल लड़ाकू विमानों को तैनात करने की भी योजना बना रही है, इससे लड़ाकू क्षमता काफी बढ़ जाने की उम्मीद है. भारत को 27 जुलाई को पांच लड़ाकू विमानों की प्रथम खेप मिलने वाली है.

लद्दाख में LAC पर तनातनी के बीच NSA अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री की हुई बात - इन मुद्दों पर चर्चा

अपनी अत्यधिक सतर्कता के तहत वायुसेना ने पूर्वी लद्दाख में विभिन्न अग्रिम स्थानों पर अपाचे हमलावर हेलीकाप्टर और सैनिकों को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाने के लिये चिनूक हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं. सूत्रों ने बताया कि नौसेना का पी8आई विमान पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों की गतिविधियों की निगरानी के लिए तैनात किया गया है. इसे 2017 में सिक्किम सीमा से लगे डोकलाम में 73 दिनों तक भारत और चीन के बीच गतिरोध के दौरान तैनात किया गया था.

लद्दाख सीमा विवाद पर राहुल गांधी का PM पर हमला, "सत्ता पाने के लिए गढ़ी थी नकली मजबूत छवि..."

इस विमान को पिछले साल जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिये भी तैनात किया गया था. इस बीच, अमेरिकी नौसेना के विमान वाहक पोत यूएसएस निमित्ज के नेतृत्व में अमेरिकी नौसेना के एक हमलावर बेड़े ने अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के तट पर भारतीय युद्ध पोतों के साथ सोमवार को एक सैन्य अभ्यास किया. अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के चार युद्ध पोत ने हिस्सा लिया.

यूएसएस निमित्ज विश्व का सबसे बड़ा युद्ध पोत है. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने के बाद दोनों देशों (भारत और अमेरिका) की नौसेनाओं के बीच यह अभ्यास मायने रखता है. भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ने के बाद सरकार ने तीनों बलों (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) को हाई अलर्ट पर रखा है.

VIDEO: लद्दाख का जर्रा-जर्रा भारतीय जवानों के पराक्रमों की गवाही देता है: PM मोदी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
MiG-29K Jets, India-China Border Row, North Air Base, Navy, MiG-29K, IAF
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com