'कांग्रेस टूलकिट' केस में दिल्ली पुलिस ने ट्विटर इंडिया के हेड से 31 मई को की थी पूछताछ : सूत्र

'कांग्रेस टूलकिट' केस में दिल्ली पुलिस ने ट्विटर इंडिया के हेड से 31 मई को पूछताछ की थी, एक सूत्र ने इसकी जानकारी दी है. स्पेशल सेल के एक सीनियर अफसर ने पुष्टि की है कि बेंगलुरु में ट्विटर इंडिया के हेड मनीष माहेश्वरी से पूछताछ हुई थी.

नई दिल्ली:

'कांग्रेस टूलकिट' केस में दिल्ली पुलिस ने ट्विटर इंडिया के हेड से 31 मई को पूछताछ की थी, एक सूत्र ने इसकी जानकारी दी है. स्पेशल सेल के एक सीनियर अफसर ने पुष्टि की है कि बेंगलुरु में ट्विटर इंडिया के हेड मनीष माहेश्वरी से पूछताछ हुई थी. इसके पहले मई के आखिरी हफ्तों के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि माहेश्वरी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. दिल्‍ली पुलिस ने उनकी कंटेट फिल्‍ट‍िरिंग को लेकर किए गए प्रश्‍नों से कथित तौर पर बचने के लिए आलोचना की थी.

माहेश्‍वरी ने कथित तौर पर पुलिस से यह कहा था कि वे केवल सेल्‍स हेड हैं और कंटेंट से जुड़े ऑपरेशंस में उनकी कोई भूमिका नहीं है. और अब जानकारी सामने आ रही है कि इसके कुछ दिनों बाद ही पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी.

बता दें की भारतीय जनता पार्टी के संबित पात्रा के ट्वीट को ट्विटर ने मैन्युपुल्टेड मीडिया का टैग दिया था. दिल्ली पुलिस ने इसके पहले ट्विटर को 2 नोटिस जारी किए थे और पुलिस की टीम ट्विटर के गुरुग्राम और लाडो सराय के दफ्तर भी गई थी. इस मामले में पिछले महीने कांग्रेस के दो नेताओं-  राजीव गौड़ा और रोहन गुप्ता को स्पेशल सेल ने नोटिस भी भेजा था.

दरअसल, टूलकिट को लेकर BJP प्रवक्ता संबित पात्रा के ट्वीट को मैनिपुलेटेड (हेर-फेर किया हुआ) टैग दे दिया था. इसको लेकर केंद्र सरकार ने ट्विटर से एतराज भी जताया था. सरकार ने कहा था कि क्योंकि यह मामला अभी जांच के अधीन है, लिहाजा उसे टैग दिया जाना सही नहीं है.

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ट्विटर की बढ़ रहीं मुश्किलें


बता दें कि पिछले कुछ वक्त में ट्विटर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. सरकार की ओर से लाए गए गए नए आईटी नियमों को लेकर भी प्लेटफॉर्म सरकार के निशाने पर है. केंद्र का कहना है कि बस ट्विटर ही ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसने 25 मई, 2021 से लागू हो चुके नए आईटी नियमों का पालन नहीं किया है. 

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अभी बुधवार को ही उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के एक बुजुर्गम की पिटाई के मामले में ट्विटर सहित 9 अन्य पर केस दर्ज किया गया है. इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसपर सरकार का कहना है कि ट्विटर ने इसे मैनिपुलेटेड मीडिया करार नहीं दिया था. सरकार का यह भी कहना है कि चूंकि ट्विटर ने नियमों का पालन नहीं किया है, ऐसे में वो इंटरमीडियरी को मिलने वाले कानूनी सुरक्षा का कवच खो दिया है और उसपर एक्शन लिया जा सकता है.