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अमेरिका से जंग के बीच भारत के ठीक बगल में डूब रहा ईरान का युद्धपोत

US-Israel War against Iran: श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने कहा कि श्रीलंका ने ईरानी युद्धपोत आइरिस देना पर सवार 30 ईरानी नाविकों को बचाने के लिए जहाज और विमान भेजे है.  

अमेरिका से जंग के बीच भारत के ठीक बगल में डूब रहा ईरान का युद्धपोत
US-Israel War against Iran: ईरानी युद्धपोत आइरिस देना की फाइल फोटो
AFP
  • श्रीलंका के क्षेत्रीय जल के बाहर ईरानी युद्धपोत आइरिस देना बुधवार को डूबने लगा था, जिसमें 180 चालक दल था
  • श्रीलंका ने 30 घायल ईरानी नाविकों को बचाने के लिए जहाज और विमान भेजकर बचाव अभियान शुरू किया
  • युद्धपोत ने भोर में संकट के समय एक डिस्ट्रेस कॉल जारी की थी, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू हुआ
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अमेरिका और इजरायल से जारी जंग के बीच भारत के ठीक बगल के समंदर में ईरान का एक युद्धपोत डूब रहा है. इस युद्धपोत का नाम आइरिस देना है. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने कहा कि श्रीलंका ने ईरानी युद्धपोत आइरिस देना पर सवार 30 ईरानी नाविकों को बचाने के लिए जहाज और विमान भेजे है. यह युद्धपोत बुधवार, 4 मार्च को श्रीलंका के क्षेत्रीय जल के ठीक बाहर डूब रहा था. 

रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने श्रीलंका के संसद को बताया कि 180 चालक दल वाले युद्धपोत के डूबने से 30 घायल नाविकों को द्वीप के दक्षिण में एक अस्पताल में लाया जा रहा था.

ईरानी युद्धपोत में क्या समस्या थी, इसके कारण के बारे में तुरंत कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी. 180-चालक दल के युद्धपोत ने भोर में एक डिस्ट्रेस कॉल (संकट के समय) जारी किया था. श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने कहा कि बचाव अभियान के लिए श्रीलंकाई नौसेना के दो जहाज और एक विमान तैनात किया गया था, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि ईरानी युद्धपोत डूबने का कारण क्या था.

एक विपक्षी विधायक ने संसद में पूछा कि क्या ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी-इजरायल हमलों के हिस्से के रूप में जहाज पर बमबारी की गई थी. हालांकि इस  सवाल पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार श्रीलंका नौसेना के प्रवक्ता बुद्धिका संपत ने कहा कि उनका ऑपरेशन श्रीलंका के समुद्री दायित्वों के अनुरूप था. संपत ने एएफपी को बताया, "हमने अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के तहत डिस्ट्रेस कॉल का जवाब दिया, क्योंकि यह हिंद महासागर में हमारे खोज और बचाव क्षेत्र के भीतर है."

स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि राजधानी से 115 किलोमीटर (70 मील) दक्षिण में गैले में मुख्य अस्पताल को निकाले गए नाविकों को प्राप्त करने के लिए अलर्ट पर रखा गया था.

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