NDTV ने आज भारत के लिए हाल ही में स्वीकृत कोविड पिल के निर्माता से बात की. अमेरिकी फार्मा दिग्गज मर्क ने भारत में मोलनुपीराविर के निर्माण करने के लिए दर्जन से अधिक फर्मों को लाइसेंस दिया है. ऑप्टिमस फार्मा के शीर्ष बॉस डॉ डी श्रीनिवास रेड्डी के साथ एक विस्तृत साक्षात्कार के बाद इस गोली के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त हुई. दो दिन पहले आपातकालीन मंजूरी के बाद ऑप्टिमस फार्मा इस गोली को बनाने वाली कंपनी में से एक है. यहां पढ़ें क्या है मोलनुपीराविर में खास -
1. भारत में 1,000 से अधिक लोगों को शामिल किए गए परीक्षणों में पूरा कोर्स लेने वाले अधिकांश रोगियों की पांच दिन बाद कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आई.
-
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
2. यह गोली काउंटर पर उपलब्ध नहीं होगी, केवल डॉक्टर के लिखने पर ही मिल सकेगी.
3. पूरे कोर्स की लागत ₹ 2,500 है लेकिन यह कीमत समय के साथ कम होकर ₹ 400 प्रति कोर्स हो सकती है.
4. पूरे पांच दिन के कोर्स में प्रति दिन 8 गोलियां होती हैं.
5. 4 गोलियां सुबह (खाली पेट) और शाम को 4 गोलियां लें
6. गोली के शुरुआती रोलआउट में इसे महानगरों में उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा.
7. एक सप्ताह में गोली उपयोग के लिए उपलब्ध हो जाएगी.
ऑप्टिमस फार्मा के डॉ रेड्डी ने कहा कि कंपनी दूसरी कोविड गोली, पैक्सलोविड बनाने के लिए भी बातचीत कर रही है, जिसे फाइजर द्वारा विकसित किया गया था और जो मोलनुपीराविर के 30% की तुलना में 90% की प्रभावकारिता दिखाती है.
एक बार फाइजर संस्करण के लिए आपातकालीन मंजूरी मिलने के बाद, यह भारत में ऑप्टिमस द्वारा पांच से छह महीनों में उपयोग के लिए तैयार हो सकती है, डॉ रेड्डी ने दावा किया. उन्होंने कहा कि यह मोलनुपीराविर की तुलना में बहुत अधिक महंगी होगी और एक सप्ताह में उपलब्ध होने वाली मर्क की गोली की कीमत से चार गुना अधिक महंगी हो सकती है.
Video: कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद बीएमसी तैयार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं