अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बीडी मिश्रा ने सेना के जवानों से सीमा पर किसी भी स्थिति के लिये तैयार रहने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि अगर देश में एक मजबूत नेतृत्व होता, तो भारत को 1962 में चीन के खिलाफ ‘‘हार'' का सामना नहीं करना पड़ता . राजभवन की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गयी.
चांगलांग जिले में राजपूत रेजीमेंट की 14वीं बटालियन के ऑपरेशनल बेस पर ‘‘सैनिक सम्मेलन'' को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश को कभी भी अपनी सुरक्षा कम नहीं करनी चाहिए.
-
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर पहुंचे PM Modi! | Breaking News -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब -
रील देखने की लत से बचाएगी ये माइक्रो साधना, NDTV World Summit में स्वामी सर्वप्रियानंद ने बताया -
आमिर खान और अमिताभ बच्चन के फैन हैं स्वामी सर्वप्रियानंद, ‘हनुमान अंश’ देखने की जताई इच्छा -
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया इस वक्त कूटनीति पर कौन सी वेब सीरीज देख रहे -
NDTV World Summit 2026 में पहुंचे PM Modi, थोड़ी देर में होगा संबोधन -
कौन सी वेबसीरीज देख रहे विदेश मंत्री S Jaishankar, वर्ल्ड समिट में बताया -
NDTV World Summit | 'भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया', S Jaishankar का बड़ा बयान -
NDTV World Summit 2026: पाकिस्तान और आतंकवाद के सवाल पर क्या बोले एस. जयशंकर?
रवीश कुमार का ब्लॉग : चीन के उकसावे से कैसे निपट रही है सरकार?
उन्होंने कहा, ‘अगर 1962 में भारत के पास एक मजबूत नेतृत्व होता, तो हमें चीन के खिलाफ हार का सामना नहीं करना पड़ता . अब, जमीनी समीकरण बदल गए हैं. भारत दुनिया के सबसे शक्तिशाली सशस्त्र बलों में से एक है. हालांकि, हमें अपनी सुरक्षा को कम नहीं करना चाहिए. प्रत्येक सैनिक को हमारी सीमाओं पर किसी भी स्थिति के लिए खुद को तैयार रखना चाहिये.'
मिश्रा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सेना के जवानों के कल्याण के लिए हमेशा चिंतित रहती है.
सरकार पर राहुल का निशाना: अब ‘चीनी क़ब्ज़े' का सत्य भी मान लेना चाहिए
उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा बलों के प्रति सरकार के रवैये में काफी बदलाव आया है. अब शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व सुरक्षाकर्मियों की भलाई को लेकर बेहद चिंतित है.' उन्होंने कर्मियों से अनुशासन बनाए रखने, खुद को कड़ी मेहनत से प्रशिक्षित करने और नागरिकों के साथ मधुर संबंध रखने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा, ‘अगर वर्दीधारी ठान लें, तो वे अपने सभी प्रयासों में सफल होंगे.' रेजिमेंट के कंपनी कमांडर के रूप में 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भाग लेने वाले राज्यपाल ने बटालियन और उसके सैनिकों की दक्षता की सराहना की.
रवीश कुमार का प्राइम टाइम : चीन के उकसावे से कैसे निपट रही है सरकार?
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं