
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को केरल गोल्ड स्मगलिंग मामले में मामला दर्ज करने के साथ ही तीन जांच एजेंसियों को उस रहस्य पर गौर करने के लिए कहा है जिसके जरिए भारत में सोने की तस्करी की जा रही थी. ईडी कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू और आतंकी आरोपों की और साथ में एनआईए आपराधिक साजिश की जांच करेगा. जांच एजेंसी के साथ आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक आरोप का मामला बनने के आसार हैं. दावा किया गया है कि इस मामले में कई शीर्ष अधिकारियों और उनके नेटवर्क की जल्द ही जांच की जाएगी.
एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, "स्वप्ना के कई व्हाट्सऐप चैट्स से पता चलता है कि उसके न केवल संबंध थे, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बहुत अच्छी तरह से जुड़े हुए थे. उनके अनुसार स्वप्ना ने उनकी कई चैट्स भी डिलीट कर दीं, उन्हें भी हासिल किया जा रहा है. उन्होंने कहा, "बहुत बड़ा डेटा है जिसे हमने पुनः प्राप्त किया है."
दिलचस्प बात यह है कि एम शिवशंकर को केरल सरकार ने सेवा नियमों के उल्लंघन के लिए सेवाओं से निलंबित कर दिया है. सीमा शुल्क विभाग और सूत्रों का कहना है कि अब एनआईए लाइन में है. एम शिवशंकर सीएम केरल को ओएसडी के रूप में सेवा दे रहे थे. एनआईए ने एक अन्य आरोपी केटी रमीस को भी हिरासत में लेने की इच्छा रखने वाले व्यवसायी की हिरासत मांगी है.
इस बीच अब तक की जांच में पता चला है कि पिछले एक साल में भारत में 250 किलोग्राम सोने की तस्करी की गई है. एक सूत्र ने बताया, "प्रत्येक खेप में 12-13 किलोग्राम सोना था. इसलिए हमें संदेह है कि 19 यात्राओं के जरिए इस सोने की तस्करी हुई थी."
उनके अनुसार अब तक ऐसा लगता है कि त्रिशूर जिले के काईपामंगलम का फैसल किंगपिनों में से एक है. फैसल अभी दुबई पुलिस की हिरासत में है. एक अधिकारी ने खुलासा किया, "फैसल का संयुक्त अरब अमीरात में एक व्यवसाय है और वह दुबई में अल रशीदिया में अपने परिवार के साथ रहता है. उसे पिछले शुक्रवार को उसके आवास से उठाया गया था और उससे पूछताछ की जा रही है." यह फैसल ही था जिसने यूएई के वाणिज्य दूतावास को भेजा था, जो डी 'अफेयर्स रश्म खामिस अल्सेमेली में था, जिसमें 30 किलोग्राम सोना मिला था.
एनआईए ने तस्करी के पीछे आतंकवादी तत्वों की संलिप्तता का दावा करते हुए एक अलग मामला भी दर्ज किया. सीमा शुल्क ने अब तक 13 व्यक्तियों और एनआईए ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. सीमा शुल्क विभाग को बुधवार को एनआईए की हिरासत में रखे गए मुख्य आरोपी स्वप्न सुरेश और संदीप नायर से पूछताछ करने के लिए अदालत की मंजूरी मिली.
इस बीच यह मामला अभी तक एक और याद दिला रहा है कि आने वाले दिनों में केरल में राजनीति किस तरफ जाने वाली है. भाजपा और यूडीएफ कह रही है कि वे राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर देंगी. और सीएम पिनराई विजयन ने प्रतिशोध की राजनीति के लिए केंद्र की आलोचना की.
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