सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई के पहले दिन बदला-बदला सा था नजारा, जज बोले 'वेलकम बैक टू द कोर्ट...'

SC  में गुरुवार को सुनवाई के लिए पेश हुए वकीलों में से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी और रंजीत कुमार ने चीफ जस्टिस एनवी रमना का धन्यवाद किया तो जस्टिस रमना मुस्कुराते हुए बोले दीपावली के बाद इसे और बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा, इसे व्यापक किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई के पहले दिन बदला-बदला सा था नजारा, जज बोले 'वेलकम बैक टू द कोर्ट...'

सुप्रीम कोर्ट में अब बुधवार और गुरुवार को पूरी तरह फिजिकल सुनवाई होगी (प्रतीकात्‍मक फोटो)

नई दिल्‍ली :

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court)में फिजिकल सुनवाई (Physical Hearings) के पहले दिन कोर्ट में प्रवेश के लिए वकीलों की लंबी लाइन लगी दिखी. जज बोले-वेलकम बैक टू द कोर्ट. SC  में गुरुवार को सुनवाई के लिए पेश हुए वकीलों में से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी और रंजीत कुमार ने चीफ जस्टिस एनवी रमना का धन्यवाद किया तो जस्टिस रमना मुस्कुराते हुए बोले दीपावली के बाद इसे और बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा, इसे व्यापक किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि अभी शुरुआत में कोर्ट ने तजुर्बे के तौर पर हफ्ते में दो दिन प्रत्यक्ष सुनवाई की व्यवस्था की है.इस दौरान सभी पक्षों के चेहरे पर खुशी दिखी. 

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'हम आप सभी को देखकर खुश हैं.आप कल्पना नहीं कर सकते कि हर सुबह स्क्रीन देखने से कितना अकेलापन लगता है.' बुधवार और गुरुवार को पूरी तरह फिजिकल सुनवाई होगी. मंगलवार को हाई ब्रिड और सोमवार और शुक्रवार को मिसलेनियस मैटर्स का दिन होने से पूरी तरह वर्चुअल सुनवाई होगी.  कोर्ट अब मार्च 2020 के बाद से पहले की तरह प्रत्यक्ष सुनवाई की ओर लौट तो रहा है लेकिन कोर्ट रूम की व्यवस्था और नजारा पूरी तरह बदला हुआ है. कोर्ट रूम में तीन स्तरीय घेराबंदी है. शीशे की दीवारें और माइक्रोफोन से बातचीत स्पीकर से सुनना. जजों के डायस यानी मंच शीशे से घिरे हैं, वहीं दूसरा घेरा कोर्ट मास्टर और स्टाफ का है. ये हिस्सा भी पारदर्शी शीशे की शीट से घिरा है 

कोर्टरूम के तीसरे हिस्से में बहस करने वाले वकील हैं. सभी माइक और स्पीकर के जरिए बात कर रहे हैं. दस्तावेज भेजने के लिए छोटी खिड़कियां हैं. दस्तावेजों को पूरी तरह सेनेटाइज करके ही बेंच तक पहुंचाया जा रहा है.हालांकि इस व्यवस्था में भी एहतियात पूरी बरती जा रही है. अदालत कक्षों में किसी मुकदमे की सुनवाई के दौरान सिर्फ उतने ही लोग मौजूद रह सकेंगे जितने का उस मुकदमे से संबंधित हैं. मुकदमे के हिसाब से ही लोग दाखिल होंगे और सुनवाई खत्म होते ही उनको बाहर होना पड़ेगा. मीडिया को भी गुरुवार से कोर्ट रूम में एंट्री मिल गई है .जस्टिस अब्दुल नज़ीर ने फिजिकल सुनवाई शुरू होने पर सबको बधाई देते हुए कहा कि वकील जिरह के समय मास्क हटा सकते हैं, हम इसकी इजाजत दे रहे हैं.सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट रूम 7 में सुनवाई कुछ देर के लिए बाधित हुई. जस्टिस अब्दुल नज़ीर तक जिरह करने वाले वकील की आवाज़ नहीं पहुंच रही थी. वकील माइक में बोल रहे हैं उसके बाद भी जस्टिस अब्दुल नज़ीर तक वकील की आवाज़ नहीं पहुंच रही थी.जस्टिस नज़ीर ने कहा कि हम खुद को फोर्स कर रहे हैं, वकील की आवाज़ हम तक नहीं आ रही है.कोर्ट रूम में शीशे के  दो पार्टीशन लगे हुए हैं.जस्टिस नज़ीर ने वकीलों की तरफ लगे शीशे को हटाने की बात भी की 


सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने कहा कि युवा वकीलों में बहुत खुशी है. बार के सदस्य भी बहुत खुश हैं. इन डेढ़ सालों में युवा वकीलों ने बहुत कुछ झेला हैवरिष्ठ वकीलों को इतनी दिक्कत नहीं हुई.दवे ने कहा हम सभी सावधानियां बरत  रहे हैं, सभी ने दोनों डोज़ ली हुई हैं. जस्टिस संजय किशन कौल ने भी फिजिकल हियरिंग की शुरुआत में ही कोर्ट रूम में मौजूद लोगों का मुस्कान के साथ 'गुड मॉर्निंग' कहकर अभिवादन किया. फिर बोले, 'वेलकम बैक टू द कोर्ट.' सुप्रीम कोर्ट प्रशासन के नए एसओपी के मुताबिक बुध और गुरुवार यानी रेगुलर मामलों की सुनवाई पूर्ण फिजिकल हियरिंग यानी कोर्ट रूम में प्रत्यक्ष सुनवाई शुरू हो गई .अब कोर्ट उन्हीं मामलों में वर्चुअल सुनवाई करेगा जिनमें ज्यादा पक्षकार और उनके वकील होंगे जो आमतौर पर कोर्टरूम की क्षमता से ज्यादा होंगे.

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