100 करोड़ का कीर्तिमान, जानिए भारत में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान के 10 अहम पड़ाव

भारत में 16 जनवरी 2021 को अपना वैक्सीनेशन अभियान (Covid-19 Vaccination Drive) शुरु हुआ था. अब नौ माह में वो 100 करोड़ कोविड वैक्सीन लगाने के करीब है.

नई दिल्ली:

भारत ने 21 अक्टूबर को 100 करोड़ कोरोना वैक्सीन डोज (100 crore Vaccination 21st october 2021)  देने के मील के पत्थर को छू लिया. टीकाकरण की बेहद सुस्त रफ्तार को सरकार की तीखी आलोचना के बाद अगस्त में टीकाकरण ने जो रफ्तार पकड़ी वो कमोवेश मामूली उतार-चढ़ाव के साथ अभी भी कायम है. भारत में कोरोना की पहली लहर का कहर झेलने और दूसरी लहर के आगाज के पहले 16 जनवरी 2021 को अपना वैक्सीनेशन अभियान (Covid-19 Vaccination Drive) छेड़ा था. जानिए भारत में कोविड-19 वैक्सीनेशन के 10 अहम पड़ाव...

कोरोना के आगाज के साथ ही प्रयास
भारत ने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine Record)और दवाओं के ट्रायल और टेस्टिंग की शुरुआत अप्रैल 2020 में ही कर दी थी, जब सरकार ने वैक्सीनेशन के विकास और दवाओं के परीक्षण पर नेशनल टॉस्क फोर्स गठित किया. इसमें एलोपैथी और आयुष मंत्रालय भी शामिल था. इस टॉस्कफोर्स का मकसद वैक्सीन डेवलपमेंट के विकास, परीक्षण या मंजूरी की राह में लगने वाले समय औऱ अड़चनों को कम करना था.

कोविशील्ड औऱ कोवैक्सीन को मंजूरी
सेंट्रल ड्रग एंड स्टैंडर्ड्स कमेटी (CDSCO) ने 3 जनवरी को सीरम इंस्टीट्यूट में तैयार कोविशील्ड और स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी. तीसरे चरण का ट्रायल पूरा करने के पहले ही इस्तेमाल को मंजूरी दी गई,क्योंकि देश में कोरोना खतरनाक रूप लेता जा रहा था. कोविशील्ड का विकास ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने मिलकर किया था. 

वैक्सीनेशन का ड्राई रन 
कोविड वैक्सीनेशन अभियान के लिए 61 हजार प्रोग्राम मैनेजरों, दो लाख से ज्यादा वैक्सीनेटर और 3.7 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन टीम सदस्यों को राज्य, जिला और ब्लाक स्तर पर ट्रेनिंग दी गई. वैक्सीनेशन अभियान में कोई चूक न हो, इसके लिए तीन ड्राई रन (पूर्वाभ्यास) हुए. इसमें 8 जनवरी 2021 को सबसे बड़ा ड्राई रन (Vaccination Dry Run)हुआ, जिसमें 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 615 जिलों के करीब 5 हजार केंद्रों पर टीकाकरण अभियान का अभ्यास हुआ. 

16 जनवरी से टीकाकरण अभियान
भारत सरकार ने 9 जनवरी 2021 को ऐलान किया कि देश में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन का अभियान शुरू होगा. पहले दौर में हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का निर्णय़ हुआ, जो कोरोना योद्धा (Corona Warriors)बनकर पहले मोर्चे पर जंग लड़ रहे थे. इसके लिए कोविन वैक्सीन डिलिवरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी कोविन ऐप भी बना.

फ्रंटलाइन वर्करों के लिए मंजूरी
केंद्र सरकार ने 1 फरवरी 2021 से ही फ्रंटलाइन वर्करों (Frontline Workers) के टीकाकरण की मंजूरी दे दी. इनमें पुलिसकर्मी, सेना, आपात सेवाओं से जुड़े सरकारी विभाग और अन्य कर्मी शामिल थे. सरकार ने तीन करोड़ हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्करों का वैक्सीनेशन अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन वैक्सीन को लेकर हिचकिचाहट के चलते यह लंबा खिंचता चला गया.

बुजुर्गों के टीकाकरण का ऐलान
केंद्र सरकार ने 24 फरवरी 2021 को ऐलान किया कि 60 साल से अधिक उम्र (Vaccination of 60 years old) और गंभीर बीमारियों के शिकार 45 साल से ज्यादा आयु के लोग 1 मार्च से सरकारी या निजी केंद्रों पर कोविड-19 वैक्सीन लगवा सकेंगे. 45 साल से अधिक उम्र के ऐसे बीमार लोगों को बीमारी का प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य था. उस वक्त देश में सरकारी और निजी मिलाकर 30 हजार वैक्सीनेशन सेंटर थे.

कार्यस्थलों पर टीकाकरण का रास्ता साफ
सरकार ने 7 अप्रैल 2021 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन कार्यस्थलों पर टीकाकरण करने की मंजूरी दे दी. इससे कंपनियों, संस्थानों और अन्य सार्वजनिक समूहों के बीच वैक्सीनेशन का रास्ता साफ हुआ, लेकिन कम से कम 100 लाभार्थियों की शर्त रखी गई.

केंद्र की विवादित नीति से मुश्किल में राज्य
केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि 1 मई 2021 से वो वैक्सीन का 50 प्रतिशत कोटा उपलब्ध कराएगा. राज्यों को 25 फीसदी कोरोना वैक्सीन स्वयं खुले बाजार से खरीदनी होगी और इसी से 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण होगा. 25 फीसदी वैक्सीन निजी केंद्र खरीदेंगे. इसके पहले हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्कर और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीका केंद्र ने राज्यों को मुफ्त उपलब्ध कराया. लेकिन दुनिया भर में वैक्सीन किल्लत के बीच राज्य टीका खरीदने में नाकाम रहे और सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. 

सुप्रीम कोर्ट की फटकार, वैक्सीनेशन पॉलिसी बदली
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की कड़ी आलोचना के बाद PM Modi ने सात जून को बड़ा ऐलान किया. इसमें 21 जून से नई टीकाकरण नीति लागू करने का घोषणा की. इसके तहत टीकाकरण के खर्च की पूरी जिम्मेदारी केंद्र ने ली. साथ ही 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के टीकाकरण शुरू करने की घोषणा की गई. केंद्र ने तय किया कि वो 75 फीसदी वैक्सीन खुद खरीदेगा. जबकि निजी केंद्र बाकी 25 फीसदी वैक्सीन ले सकेंगे. 


100 करोड़ का रिकॉर्ड करीब
भारत ने छह अगस्त को 50 करोड़ कोविड वैक्सीन देने का रिकॉर्ड कायम किया और इसमें 202 दिन लगे. जबकि 50 से 100 करोड़ वैक्सीन डोज देने में महज 76 दिन लगे. यह केंद्र द्वारा वैक्सीन निर्माता कंपनियों को उत्पादन तेज करने के लिए एडवांस पेमेंट और अन्य छूट देने की नीति का परिणाम था. कोविन ऐप (CoWIN App) के अनुसार, भारत में अभी 74,234 सरकारी औऱ निजी वैक्सीनेशन सेंटर्स है. इसमें 71,646 सरकारी औऱ 2588 निजी हैं. 20 अक्टूबर की रात 12 बजे तक कोविड वैक्सीनेशन 99.79 करोड़ यानी करीब 100 करोड़ तक पहुंच गया था. इसमें 70.63 करोड़ को वैक्सीन की कम से कम एक डोज और 29.15 को दोनों डोज मिल चुकी हैं.

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100 करोड़ वैक्सीन डोज, भारत के लिए आखिर कितनी पड़ी कामयाबी