सुप्रीम कोर्ट ने दशहरा पर्व पर देश में रावण के पुतलों के दहन पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी है.
- आनंद प्रकाश शर्मा ने जनहित याचिका दाखिल की थी
- तर्क दिया- धार्मिक पुस्तकों में रावण दहन का जिक्र नहीं
- सीजेआई खेहर ने कहा कि जो धर्म जैसा है वह वैसा ही रहेगा
नई दिल्ली:
दशहरे पर रावण के पुतला दहन पर रोक की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि संविधान देश में सभी धर्मों को संरक्षण देता है.
सीजेआई खेहर ने कहा कि जो धर्म जैसा है वह वैसा ही रहेगा. जिसे जो धर्म पसंद है वह उसे अपना सकता है. सुप्रीम कोर्ट क्या अच्छा है, क्या बुरा है, इस पर नहीं जाता, बल्कि कानूनी और गैरकानूनी पर विचार करता है.
दरअसल आनंद प्रकाश शर्मा ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा था कि दशहरे पर देशभर में रावण के पुतलों का दहन किया जाता है, जबकि किसी भी ग्रंथ या धार्मिक पुस्तकों में इसका जिक्र नहीं है. यहां तक कि आखिरी वक्त में भगवान राम ने भी रावण का सम्मान किया था. रामायण में भी यही कहा गया है कि रावण बड़ा विद्वान था. इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट देशभर में रावण के पुतलों के दहन पर रोक लगाए.
सीजेआई खेहर ने कहा कि जो धर्म जैसा है वह वैसा ही रहेगा. जिसे जो धर्म पसंद है वह उसे अपना सकता है. सुप्रीम कोर्ट क्या अच्छा है, क्या बुरा है, इस पर नहीं जाता, बल्कि कानूनी और गैरकानूनी पर विचार करता है.
दरअसल आनंद प्रकाश शर्मा ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा था कि दशहरे पर देशभर में रावण के पुतलों का दहन किया जाता है, जबकि किसी भी ग्रंथ या धार्मिक पुस्तकों में इसका जिक्र नहीं है. यहां तक कि आखिरी वक्त में भगवान राम ने भी रावण का सम्मान किया था. रामायण में भी यही कहा गया है कि रावण बड़ा विद्वान था. इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट देशभर में रावण के पुतलों के दहन पर रोक लगाए.
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
फॉलो करे:
Ravan Effigies, Supreme Court (SC), Petition Dismissed, CJI Jagdish Singh Khehar