दिल्ली दंगा: जान गंवाने वाले अंकित शर्मा के भाई को AAP सरकार ने दी नौकरी, BJP पर साधा निशाना

आप प्रवक्ता सौरभ ने कहा कि हत्या पर भाजपा ने बड़ा शोर मचाया था और बड़ी-बड़ी बातें और वादे अंकित शर्मा के परिवार से किए थे. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी 1 साल बाद भाजपा से पूछना चाहती है कि भाजपा ने अंकित शर्मा के परिवार के लिए क्या किया?

दिल्ली दंगा: जान गंवाने वाले अंकित शर्मा के भाई को AAP सरकार ने दी नौकरी, BJP पर साधा निशाना

आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज (फाइल)

नई दिल्ली:

दिल्ली दंगा (Delhi Riots) में जान गंवाने वाले आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा (IB Officer Ankit Sharma) के भाई को केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal) ने सरकारी नौकरी दी है. इस पूरे मामले की जानकारी आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी है. इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने BJP पर जमकर हमला भी बोला. आप प्रवक्ता सौरभ ने कहा कि हत्या पर भाजपा ने बड़ा शोर मचाया था और बड़ी-बड़ी बातें और वादे अंकित शर्मा के परिवार से किए थे. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी 1 साल बाद भाजपा से पूछना चाहती है कि भाजपा ने अंकित शर्मा के परिवार के लिए क्या किया? भाजपा ने नौकरी देने का वादा किया था, क्या अंकित शर्मा के परिवार में किसी को नौकरी दी गयी?  25 फरवरी को दिल्ली के चांद बाग इलाके में अंकित शर्मा की हत्या हुई थी. 

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उन्होंने कहा कि जबकि IB केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन आता है, आम आदमी पार्टी अब भाजपा और केंद्र सरकार से जानना चाहती है कि क्या नौकरी या कोई मुआवजा दिया गया? बीजेपी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जब भी कोई हत्या होती है, जिसमें भाजपा साम्प्रदायिक रंग दे सकती है, वहां राजनीति करके लोगों के बीच नफ़रत भड़काई तो जाती है लेकिन किसी परिवार के लिए कोई मदद नहीं की जाती है. उन्होंने कहा कि अंकित शर्मा का परिवार दर्जनों बार भाजपा के बड़े नेताओं, मंत्रियों और सांसदों से मिला लेकिन अंकित शर्मा के परिवार को कोई नौकरी नहीं दी गई. उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि अब दिल्ली सरकार ने अंकित शर्मा के भाई को नौकरी दी है.

स्पेशल सेल के मुताबिक, 23, 24, 25 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की (Delhi Riots) साजिश महीनों पहले रची गई थी. दंगों की शुरुआत 13 दिसंबर को जामिया और न्यू फ्रेंड्स कालोनी के हिंसा और आगजनी से हुई थी. इसके बाद 20 दिसंबर को सीलमपुर में ‘दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट' (DPSG) नाम का वाट्सऐप ग्रुप बनाया और साथ में ‘जामिया कोर्डिनेशन कमेटी' (JCC) नाम का एक ऑर्गनाइजेशन बनाया गया. इस ग्रुप के लोग उत्तरी पूर्वी दिल्ली के प्रोटेस्ट साइट के लोगों को कॉर्डिनेट कर रहे थे. साथ ही पल-पल की रणनीति बनाई जा रही थी. 11 फरवरी 2020 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के आने की घोषणा हुई. 14, 15, 16 फरवरी 2020 को सभी प्रोटेस्ट साइट पर साजिश के तहत महिला एकता यात्रा प्रोग्राम हुआ, जिसमें दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से महिलाओं को पहुंचाया गया.

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16, 17  फरवरी को दोपहर 2 बजे चांद बाग प्रोटेस्ट साइट (Chand Bagh Protest Site) पर एक सीक्रेट मीटिंग हुई, जिसमें उत्तर पूर्वी दिल्ली के प्रोटेस्ट साइट (Delhi Protest Site) के सभी लीडर शामिल हुए. 22 फरवरी को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन (Jaffrabad Metro Station) पर साजिश के तहत चक्का जाम किया गया. 22 फरवरी को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन (Jaffrabad Metro Station) और चक्का जाम में उत्तरी पूर्वी दिल्ली के प्रोटेस्ट साइट (Delhi Protest Site) के सभी लीडर शामिल हुए. 22 फरवरी को जामिया में ‘जामिया कोर्डिनेशन कमेटी' (JCC) की हिंसा करने और चक्का जाम करने को लेकर मीटिंग हुई. 23 फरवरी को चांद बाग से राजघाट तक विरोध प्रदर्शन के नाम पर दिन में चक्का जाम और हिंसा के लिए चांद बाग समेत सभी प्रोटेस्ट साइट पर भीड़ जुटाई जाने लगी.

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23 फरवरी को देर शाम चांद बाग इलाके में दंगों (Chand Bagh Violence) को लेकर सीक्रेट मीटिंग हुई, जिसमें सीसीटीवी कैमरे की दिशा कैसे बदलनी है या सीसीटीवी कैमरे डिस्कनेक्ट कैसे करना है. इसको लेकर पूरी प्लानिंग की गई. मीटिंग के बाद 24 फरवरी को चांद बाग और मुस्तफाबाद के सीसीटीवी कैमरा प्लान के तहत या तो डिस्कनेट किए गए या उन पर कपड़े डाल दिये गए. कुछ जगहों के कैमरे की दिशा बदल दी गई. इसके बाद 24 फरवरी को दिल्ली पुलिस के जवानों पर उपद्रवियों ने हमला किया और फिर उत्तरी पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़क गए. एक शख्स अपने साथ आरा मशीन जैसा एक हथियार भी लाया था, जिसे पुलिस ने बरामद किया है.