सुशांत सिंह राजपूत के पिता को झटका, हाईकोर्ट ने SSR पर बनी फिल्म पर रोक लगाने से किया इनकार

अप्रैल में हाईकोर्ट ने सुशांत राजपूत के पिता की याचिका पर उस समय फिल्माई जा रही विभिन्न फिल्मों के निर्माताओं से जवाब देने को कहा था. राजपूत के पिता के के सिंह ने अपने बेटे का नाम या उससे मिलते जुलते नाम का इस्तेमाल सिल्वर स्क्रीन पर करने से किसी को भी रोकने की मांग की थी.

सुशांत सिंह राजपूत के पिता को झटका, हाईकोर्ट ने SSR पर बनी फिल्म पर रोक लगाने से किया इनकार

सुशांत सिंह राजपूत ने पिछले साल मुंबई स्थित अपने फ्लैट पर आत्महत्या कर ली थी.

नई दिल्ली:

दिल्ली हाई कोर्ट ( Delhi High Court) ने बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के जीवन पर आधारित  फिल्म - 'न्याय: द जस्टिस' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.  राजपूत ने पिछले साल मुंबई स्थित अपने फ्लैट पर आत्महत्या कर ली थी.

हाईकोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत के पिता कृष्ण किशोर सिंह की याचिका खारिज कर दी. याचिका में दावा किया गया था कि फिल्म को परिवार की सहमति के बिना शूट किया गया है और राजपूत की मौत की भूमिका के एक अहम आरोपी को फिल्म में "ऑर्केस्ट्रेटेड तरीके" से लॉन्च किया गया है.

जस्टिस संजीव नरूला की अगुवाई वाली पीठ ने फिल्म निर्माताओं से खर्च का हिसाब रखने को भी कहा है. अप्रैल में हाईकोर्ट ने सुशांत राजपूत के पिता की याचिका पर उस समय फिल्माई जा रही विभिन्न फिल्मों के निर्माताओं से जवाब देने को कहा था. राजपूत के पिता के के सिंह ने अपने बेटे का नाम या उससे मिलते जुलते नाम का इस्तेमाल सिल्वर स्क्रीन पर करने से किसी को भी रोकने की मांग की थी.

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'न्याय: द जस्टिस' के अलावा, अन्य आगामी फिल्में जो सुशांत राजपूत के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती हैं, वे हैं 'सुसाइड ऑर मर्डर: ए स्टार वाज़ लॉस्ट', 'शशांक'. इसके अलावा एक अज्ञात क्राउड-फंडेड प्रोजेक्ट भी है.


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केके सिंह ने अपनी याचिका में कहा था कि प्रतिवादी (फिल्म निर्माताओं) स्थिति का लाभ उठाते हुए इस अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे है और सुशांत के नाम पर नाटक, फिल्में, वेब-श्रृंखला, किताबें, साक्षात्कार या अन्य सामग्री प्रकाशित कर सकते हैं जो उनके बेटे की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती हैं. याचिका में "प्रतिष्ठा की हानि, मानसिक आघात और उत्पीड़न" के लिए ₹ 2 करोड़ रूपये हर्जाना देने की भी मांग की गई थी.