पटना:
बिहार में छात्राओं को साइकिल और स्कूली कपड़े बांटने के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। नीतीश कुमार सरकार ने नौंवी क्लास की छात्राओं के लिए साइकिल देने की स्कीम शुरू की थी। इसके लिए सरकार ने छात्राओं को पैसे दिए। इससे असर यह हुआ कि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ी और सरकार की बढ़ा-चढ़ाकर तारीफ की गई।
इसके बाद सरकार ने खुद ही जांच कराई, जिसमें पाया गया कि तीन लाख फर्जी छात्राओं के स्कूल के रजिस्टर में नाम दर्ज हैं। इसके अलावा कई छात्राओं के नाम एक से अधिक स्कूलों में दर्ज पाए गए।
जांच में पाया गया है कि स्कूल के स्टाफ और अफसरों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया। अब सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है और कई आरोपी टीचरों का वेतन भी रोक दिया गया है।
इसके बाद सरकार ने खुद ही जांच कराई, जिसमें पाया गया कि तीन लाख फर्जी छात्राओं के स्कूल के रजिस्टर में नाम दर्ज हैं। इसके अलावा कई छात्राओं के नाम एक से अधिक स्कूलों में दर्ज पाए गए।
जांच में पाया गया है कि स्कूल के स्टाफ और अफसरों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया। अब सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है और कई आरोपी टीचरों का वेतन भी रोक दिया गया है।
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