भीमा कोरेगांव केस: गौतम नवलखा की डिफाल्‍ट जमानत याचिका पर SC ने फैसला रखा सुरक्षित

पीठ ने कहा था कि नवलखा द्वारा 2018 में घर में नजरबंदी के दौरान बिताए गए 34 दिन डिफॉल्ट जमानत के लिए नहीं गिने जा सकते हैं.

भीमा कोरेगांव केस: गौतम नवलखा की डिफाल्‍ट जमानत याचिका पर SC ने फैसला रखा सुरक्षित

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने NIA को नोटिस जारी किया था (फाइल फोटो)

खास बातें

  • पिछली सुनवाई में SC ने NIA को नोटिस जारी किया था
  • नवलखा ने दी है बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी
  • हाईकोर्ट ने नवलखा की जमानत याचिका कर दी थी खारिज
नई दिल्ली:

भीमा कोरेगांव मामले (Bhima Koregaon Case) में गौतम नवलखा (Gautam Navlakha) की डिफॉल्ट जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसला सुरक्षित रखा है.नवलखा और NIA की दलीलें सुनने के बाद SC ने फैसला सुरक्षित रखा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने NIA को नोटिस जारी किया था. गौरतलब है कि नवलखा ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने डिफॉल्ट जमानत देने से इनकार किया था. दरअसल, बांबे हाईकोर्ट ने माओवादियों से जुड़ी एलगार परिषद मामले में आरोपी गौतम नवलखा की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि विशेष अदालत के तार्किक आदेश में दखल देने का उसे कोई कारण नजर नहीं आता. विशेष अदालत पहले ही उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है. 


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पीठ ने कहा था कि नवलखा द्वारा 2018 में घर में नजरबंदी के दौरान बिताए गए 34 दिन डिफॉल्ट जमानत के लिए नहीं गिने जा सकते हैं. पुणे पुलिस ने 28 अगस्त, 2018 को गिरफ्तार तो किया था लेकिन उन्हें हिरासत में नहीं लिया था. वह 28 अगस्त से एक अक्टूबर, 2018 तक घर में नजरबंद रहे थे.फिलहाल नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल में बंद हैं.नवलखा ने विशेष NIA अदालत द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के 12 जुलाई, 2020 के आदेश को पिछले साल हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. उन्होंने हिरासत में 90 दिन बिताने और इस दौरान अभियोजन की ओर से आरोपपत्र दाखिल नहीं किए जाने के आधार पर डिफॉल्ट जमानत मांगी थी. इसके पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अक्टूबर, 2018 को नवलखा की नजरबंदी को अवैध करार देते हुए खारिज कर दिया था.