भगवंत मान हो सकते हैं पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार : सूत्र

पार्टी के सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने भगवंत मान के चेहरे पर ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 लड़ने का मन बना लिया है, और इस फैसले की औपचारिक घोषणा के लिए पार्टी सही समय का इंतज़ार कर रही है.

भगवंत मान हो सकते हैं पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार : सूत्र

नई दिल्ली:

दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी (AAP) ने मन बना लिया है कि पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Elections 2022) में पार्टी सांसद भगवंत मान (Bhagwant Mann) को ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर उतरा जाए.पार्टी के सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने भगवंत मान के चेहरे पर ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 लड़ने का मन बना लिया है, और इस फैसले की औपचारिक घोषणा के लिए पार्टी सही समय का इंतज़ार कर रही है.सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा समय में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोरोना पॉज़िटिव हैं, इसलिए औपचारिक घोषणा में कुछ दिन की देरी हो सकती है.

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भगवंत मान आम आदमी पार्टी की पंजाब यूनिट के मुखिया भी हैं और पार्टी में पंजाब में सबसे ज्यादा लोकप्रिय चेहरे हैं। पंजाब के संगरूर लोक सभा सीट से दूसरी बार सांसद हैं. खास बात यह है कि भगवंत मान पहली बार 2014 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर ही संगरूर से लोकसभा पहुंचे थे।,लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में पूरे देश में आम आदमी पार्टी केवल एक ही लोकसभा सीट जीतने में कामयाब हो पाई और वह थी संगरूर की लोकसभा सीट जो भगवंत मान जीते थे.

आम आदमी पार्टी पिछले कुछ दिनों से लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही थी कि पंजाब में भगवंत मान ही सबसे मज़बूत चेहरे हैं। खास तौर से पटियाला में जब अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में शांति मार्च निकल रहा था तो पार्टी के सभी नेता कार्यकर्ता और समर्थक आगे पीछे या आसपास चल रहे थे जबकि केवल भगवंत मान ही अरविंद केजरीवाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। यही नहीं शांति मार्च के बाद जब अरविंद केजरीवाल भाषण देने के लिए ट्रक पर चढ़े तब भी उनके साथ केवल भगवंत मान ही थे। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान दोनों ने ही भाषण दिया। जबकि इससे पहले देखा यह जाता था कि पार्टी की पंजाब यूनिट की टॉप लीडरशिप अरविंद केजरीवाल के इर्द-गिर्द नजर आया करती थी

भगवंत मान ने अपने करियर की शुरुआत हास्य कलाकार के तौर पर की थी और पटियाला स्थित पंजाबी यूनिवर्सिटी में उन्होंने इंटर कॉलेज कंपटीशन के दौरान दो गोल्ड मेडल भी जीते. उनका पहला जगतार जग्गी के साथ पहला कॉमेडी एल्बम काफी प्रसिद्ध हुआ था. उनका टेलीविजन प्रोग्राम जुगून कहदां है भी काफी लोकप्रिय हुआ. दोनों ने मिलकर कनाडा और इंग्लैंड में भी काफी शो किए.

मान ने 2008 में द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज से भी खूब सुर्खियां बटोरीं. मान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब में शामिल होकर 2011 में की. वर्ष 2012 में उन्होंने लहरगागा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए. मान ने मार्च 2014 में आम आदमी पार्टी का दामन था और संगरूर लोकसभा सीट से सांसद का चुनाव 27 हजार से ज्यादा वोटों से जीता. मान आम आदमी पार्टी की पंजाब शाखा के संयोजक भी थे, लेकिन ड्रग माफिया केस में अरविंद केजरीवाल द्वारा अकाली नेता बिक्रमजीत मजीठिया से बिना शर्त माफी मांगने के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया.

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वर्ष 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने जलालाबाद सीट से सुखबीर सिंह बादल और रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन पराजित हुए. पंजाब चुनाव 2017 के दौरान शराब के सेवन की अपनी आदत को लेकर वो काफी विवादों में रहे. वर्ष 2019 में बरनाला में आप की एक रैली में उन्होंने कभी शराब न पीने की शपथ ली. भगवंत मान वर्ष 2019 में फिर से संगरूर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े और एक लाख से भी ज्यादा वोटों से चुनाव जीतकर दोबारा लोकसभा पहुंचे. वो लोकसभा में आम आदमी पार्टी के एकमात्र सांसद हैं.