- मोगा में आयोजित VDC शपथ समारोह में केजरीवाल और भगवंत मान ने नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया
- एक वर्ष में 2000 किलो से अधिक नशा बरामद हुआ, तस्करों पर बुलडोजर चलाए गए और जेल भेजा गया
- हर गांव और वार्ड में VDC बनाए गए हैं जो गोपनीय सूचना जुटाकर नशा पीड़ितों को इलाज तक पहुंचाते हैं
पंजाब के मोगा के किल्ली चहलां गांव में आयोजित विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) के शपथ समारोह में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया. केजरीवाल ने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के शासन में पंजाब नशे में डूबा, जबकि ‘‘आप'' सरकार बनने के बाद राज्य को नशा‑मुक्त बनाने की कोशिशें तेज हुई हैं. लोगों से अपील की गई कि वे “कुकर्मों” को याद रखें और उन पार्टियों को वोट न दें, वरना पंजाब फिर से नशे की गिरफ्त में जा सकता है.
युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान में पंजाब के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। पहले लोगों में डर था, कोई जानकारी नहीं देना चाहता था।
— AAP (@AamAadmiParty) February 16, 2026
लेकिन जिस तरह से @BhagwantMann जी की सरकार ने नशा तस्करों के ख़िलाफ़ अभियान चलाया उससे लोगों के मन में डर ख़त्म हुआ और उन्हें पुलिस और AAP सरकार के… pic.twitter.com/SI49Xeaqht

2,000 किलोग्राम से अधिक नशा बरामद, तस्करों पर बुलडोजर
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक 1 मार्च को शुरू हुए ‘युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान के बाद एक साल में 2,000 किलोग्राम से अधिक नशा पकड़ा गया, बड़े तस्करों को जेल भेजा गया और कई बंगलों पर बुलडोजर चलाए गए. शुरुआती अविश्वास के बाद अब लोगों का भरोसा बढ़ा है और वे निडर होकर पुलिस‑प्रशासन की मदद कर रहे हैं. समारोह में सीएम मान ने उपस्थित लोगों को नशा‑मुक्त पंजाब की शपथ दिलाई.

हर पिंड‑वार्ड में VDC: सूचना गोपनीय, इलाज तक मदद
सरकार पूरे राज्य के हर पिंड और वार्ड में VDC बना रही है. इज्जतदार नागरिक, रिटायर्ड शिक्षक/फौजी, युवा और सरपंच इसमें शामिल हैं. प्राथमिक दायित्व है नशा बेचने‑खरीदने वालों की गोपनीय सूचना जुटाकर प्रशासन तक पहुंचाना और पीड़ितों को उपचार केंद्र तक ले जाना. इसके लिए एक ऐप उपलब्ध कराया गया है, जिसकी सूचनाएं सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक जाती हैं; अच्छे काम पर पुलिसकर्मियों को इनाम और मिलीभगत पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया.

युवा शक्ति के लिए खेल मैदान और रोजगार व्यवस्था
सरकार हर गांव में खेल मैदान विकसित करा रही है. क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसी सुविधाओं के साथ खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि नशा छोड़ चुके युवा दोबारा नशे की ओर न लौटें. साथ ही युवाओं के लिए रोजगार पर जोर देते हुए दावा है कि अब तक 60–63 हजार सरकारी नौकरियां बिना सिफारिश/रिश्वत के दी जा चुकी हैं और आगे भी रोजगार सृजन इसी तरह जारी है.
“गलती से भी वोट न दें”: विपक्ष पर तीखा राजनीतिक संदेश
केजरीवाल ने कहा कि घर‑घर जाकर बताना होगा कि किन सरकारों ने पंजाब को नशे में धकेला. आरोप है कि पुरानी पार्टियों ने पंजाब की जवानी और भविष्य को नुकसान पहुंचाया; इसलिए गलती से भी उन्हें वोट न दें. ‘‘आप'' सरकार के बारे में दावा किया गया कि वह नशा बेचने वालों के मकान‑बंगले तोड़ रही, संपत्तियां/बैंक खाते जब्त कर रही है और आरोपियों को जेल भेज रही है.

नशा‑मुक्ति केंद्र, सप्लाई चेन पर वार: मान का रोडमैप
सीएम भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में नशे ने कई परिवार तबाह किए. मौजूदा सरकार ने पहले नशा‑मुक्ति केंद्र, दवाइयां और काउंसलर तैनात किए, फिर सप्लाई चेन को निशाना बनाकर बड़े तस्करों की कोठियों पर बुलडोज़र चलाए. मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के इलाज का खर्च सरकार वहन करने का दावा दोहराया गया.

दूसरा चरण: स्कूलों पर फोकस, पैरेंट‑अवेयरनेस और निगरानी
मान ने बताया कि ‘युद्ध नशियां विरुद्ध' के दूसरे चरण में स्कूलों पर फोकस होगा. शिक्षकों‑काउंसलरों के माध्यम से माता‑पिता को जागरूक किया जाएगा, बच्चों की संगत और व्यवहार पर निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि नई पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि राज्य में पासपोर्ट आवेदन घटे हैं क्योंकि युवाओं को यहीं रोजगार मिल रहा है; सरकार ने 63 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं और अस्पताल‑स्कूलों के बढ़ने से स्टाफ की मांग भी बढ़ेगी. विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने “हर चीज़ में हिस्सा” लेने के आरोप दोहराए और कहा कि लक्ष्य है रंगला, नशा‑मुक्त पंजाब.
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